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Bihar: रक्सौल-जयनगर एक्सप्रेस में मनचलों का आतंक! यात्रियों ने मांगी मदद, RPF पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

Fri, 19 Jun 2026 11:16 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Fri, 19 Jun 2026 11:16 PM IST
सार

रक्सौल रेलवे स्टेशन से खुलने वाली रक्सौल-जयनगर एक्सप्रेस में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यात्रियों, खासकर महिलाओं और परिवारों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद न तो आरपीएफ और न ही जीआरपी मौके पर पहुंची। घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 

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Menace of eve-teasers on Raxaul-Jaynagar Express; RPF failed to arrive despite complaints Motihari Bihar News
चलती ट्रेन में बदतमीजी करते मनचले - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय रेलवे देश की आम जनता के लिए सबसे सुलभ, सस्ता और सुरक्षित परिवहन होने का दावा करती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल रेलवे स्टेशन पर सामने आई एक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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ट्रेन में यात्रियों से अभद्रता का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम 7:35 बजे रक्सौल से रवाना होने वाली रक्सौल-जयनगर एक्सप्रेस (75216) की इंजन से सटी बोगी में कुछ मनचले और असामाजिक तत्व यात्रियों से अभद्र व्यवहार कर रहे थे। आरोप है कि महिलाओं और परिवार के साथ सफर कर रहे लोगों को परेशान किया जा रहा था, जिससे यात्रियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।
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शिकायत के बावजूद नहीं पहुंची सुरक्षा टीम
यात्रियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर उस समय न तो कोई आरपीएफ जवान मौजूद था और न ही जीआरपी का कोई कर्मी दिखाई दिया। मामले की सूचना देने के लिए रक्सौल आरपीएफ इंस्पेक्टर को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में ऑन ड्यूटी अधिकारी संतोष मिश्रा से संपर्क हुआ, जिन्होंने जवान भेजने का आश्वासन दिया।
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दस मिनट तक इंतजार, फिर भी नहीं मिली मदद
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सूचना देने के करीब दस मिनट बाद भी कोई सुरक्षा कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान कथित तौर पर मनचले यात्रियों को परेशान करते रहे और सुरक्षा एजेंसियां निष्क्रिय बनी रहीं।

अगले स्टेशन पर भी नहीं हुई कार्रवाई
ट्रेन खुलने के बाद यात्रियों को बताया गया कि घोड़ासहन स्टेशन पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वहां भी संबंधित बोगी में कोई आरपीएफ कर्मी नहीं पहुंचा। आरोप है कि दोबारा संपर्क करने पर ऑन ड्यूटी अधिकारी ने व्यस्तता का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता को ही दबाव नहीं बनाने की सलाह दी।

रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
घटना के बाद यात्रियों के बीच रेलवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि शिकायत मिलने के बाद भी तत्काल कार्रवाई नहीं होती है, तो किसी गंभीर आपराधिक घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।


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आरपीएफ ने लिया संज्ञान
हालांकि मामले पर आरपीएफ कमांडेंट ने व्हाट्सएप के माध्यम से बताया है कि शिकायत को संज्ञान में ले लिया गया है। अब यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई होती है या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाती है।
 
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