Bihar: गेमिंग एप में पैसा हारने वालों को जीत का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, 3 गिरफ्तार; सरगना फरार
Bihar: साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि यह गिरोह अब तक करीब 200 से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। इनका नेटवर्क न सिर्फ बिहार बल्कि मुंबई सहित कई बड़े शहरों तक फैला है। सभी आरोपी इस ठगी को बाकायदा ट्रेनिंग लेकर अंजाम देते थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आईपीएल में पैसा हार चुके लोगों को दोबारा जीत दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का सरगना मौके से फरार हो गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 10 एटीएम कार्ड, 8 मोबाइल फोन, 65,000 नगद, दो गूगल बारकोड स्कैनर और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आलोक कुमार (सिवान), संदीप कुमार और ब्रजेश कुमार (गोपालगंज) शामिल हैं। जबकि प्रिंस कुमार (गोपालगंज) मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
गिरोह आईपीएल के दौरान चर्चित गेम एप्स और अन्य फैंटेसी गेम एप्स में पैसा हार चुके लोगों को निशाना बनाता था। साइबर सेल को एक शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी, जिसके बाद एक संदिग्ध मोबाइल नंबर को ट्रैक कर टीम ने छापेमारी की। रेड के दौरान सभी आरोपी भागने लगे, लेकिन तीन को मौके पर ही दबोच लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि ये शातिर ठग टेलीग्राम एप के जरिए लोगों को चिन्हित करते थे जो पहले से गेम में हार चुके होते थे।
पढ़ें: राजगीर में महिला कबड्डी विश्व कप का आयोजन, एक-10 जून तक 14 देशों की टीमें लेंगी भाग
गिरोह इन लोगों से संपर्क कर उन्हें विश्वास में लेते और दावा करते कि उनके पास स्पेशल ट्रिक है, जिससे अगली बार उन्हें बड़ी जीत दिलाई जाएगी। शुरुआत में डिजिटल पेमेंट के जरिए उनसे इन्वेस्टमेंट के नाम पर पैसे लिए जाते और फिर उनका नंबर ब्लॉक कर दिया जाता।
200 से अधिक लोगों को बना चुके हैं शिकार
साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि यह गिरोह अब तक करीब 200 से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। इनका नेटवर्क न सिर्फ बिहार बल्कि मुंबई सहित कई बड़े शहरों तक फैला है। सभी आरोपी इस ठगी को बाकायदा ट्रेनिंग लेकर अंजाम देते थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।