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Bihar Fire: प्रसाद अस्पताल में शिवहर से इलाज कराने आए मरीज की मौत, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
Thu, 04 Jun 2026 08:23 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवहर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2026 08:23 PM IST
सार
तेज बुखार का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे उदय कुमार को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी। मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में लगी आग में उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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विस्तार
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड में शिवहर जिले के तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर वार्ड संख्या-8 निवासी उदय कुमार (57) की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार उदय कुमार को तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण बीते सोमवार को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बुधवार शाम उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया था।
गुरुवार सुबह अस्पताल में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। देखते ही देखते धुआं और आग अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में फैल गई। बताया जा रहा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान जहरीले धुएं की चपेट में आने से उदय कुमार की मौत हो गई।
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ये भी पढ़ें: Bihar News: मुजफ्फरपुर ICU अग्निकांड पर बड़ा मोड़: मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला, रिटायर्ड जज से जांच की मांग
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पुत्री आकांक्षा कुमारी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पिता को समय पर समुचित देखभाल नहीं मिल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद अस्पताल के कुछ गार्ड और कर्मी मरीजों को सुरक्षित निकालने के बजाय गेट बंद कर वहां से चले गए। उनका दावा है कि यदि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य किया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
आकांक्षा कुमारी ने बताया कि घटना के बाद उनकी बातचीत मुजफ्फरपुर प्रशासन के अधिकारियों से हुई है। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
उदय कुमार अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। उनकी एक पुत्री की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बच्चों की जिम्मेदारियां अब परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी प्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
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जानकारी के अनुसार उदय कुमार को तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण बीते सोमवार को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बुधवार शाम उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया था।
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गुरुवार सुबह अस्पताल में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। देखते ही देखते धुआं और आग अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में फैल गई। बताया जा रहा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान जहरीले धुएं की चपेट में आने से उदय कुमार की मौत हो गई।
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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पुत्री आकांक्षा कुमारी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पिता को समय पर समुचित देखभाल नहीं मिल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद अस्पताल के कुछ गार्ड और कर्मी मरीजों को सुरक्षित निकालने के बजाय गेट बंद कर वहां से चले गए। उनका दावा है कि यदि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य किया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
आकांक्षा कुमारी ने बताया कि घटना के बाद उनकी बातचीत मुजफ्फरपुर प्रशासन के अधिकारियों से हुई है। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
उदय कुमार अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। उनकी एक पुत्री की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बच्चों की जिम्मेदारियां अब परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी प्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।