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Bihar News: तीसी के लड्डू ने सोनपुर मेले में मचाई धूम, स्वाद और सेहत का अनोखा संगम, बना केंद्र आकर्षण

Sun, 30 Nov 2025 01:03 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वैशाली Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sun, 30 Nov 2025 01:03 PM IST
सार

सोनपुर मेला में महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार द्वारा लगाए गए स्टॉल पर तीसी से बने पौष्टिक लड्डू ने लोगों का ध्यान खींचा है। यह लड्डू स्वादिष्ट होने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

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तीसी के लड्डू ने सोनपुर मेले में मचाई धूम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला में इस बार तीसी का लड्डू लोगों का आकर्षण का केंद्र बन गया है। मेला में महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में एक ऐसा स्टॉल सजाया गया है, जहां तीसी से बने पौष्टिक लड्डू की खुशबू और स्वाद लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। स्टॉल पर मेला में घूमने आने वाले लोग तीसी के लड्डू का स्वाद लेने के साथ-साथ इसे घर भी ले जा रहे हैं।
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स्टॉल पर मौजूद हाजीपुर मीनापुर निवासी अनिता कुमारी ने बताया कि वह कई वर्षो से विभाग की प्रदर्शनी में अपना स्टॉल लगाती आ रही हैं। स्टॉल पर मोटा अनाज जैसे जौ, बाजरा, मरुआ, मक्का सहित अन्य खाद्य सामग्री पैकेट में बिक्री के लिए उपलब्ध है। अनिता ने बताया कि आमतौर पर बाजार में बेसन से बने लड्डू मिलते हैं, लेकिन इस स्टॉल पर तीसी से लड्डू बनाया गया है, जिसमें बेदाम, काजू, किशमिश, तिल, नारियल और देशी घी, इलायची मिलाकर तैयार किया गया है। यह लड्डू स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
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अनिता के अनुसार तीसी में 108 गुण पाए जाते हैं और प्रति माह लगभग 25 किलो तीसी के लड्डू की बिक्री होती है। एक किलो तीसी से लड्डू बनाने में तीसी का पाउडर, गुड़, काजू, किशमिश, तिल और नारियल चूर्ण मिलाकर तैयार किया जाता है। एक किलो लड्डू बनाने का खर्च लगभग 400 रुपये आता है, जबकि इससे 150 रुपये की आमदनी होती है। तीसी का उपयोग रोटी, हलवा, चावल, दही, चटनी और पाउडर के रूप में भी किया जाता है। खाली पेट तीसी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
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अनिता ने बताया कि स्टॉल पर मक्का, गेहूं, बाजरा का दलिया, चना का सत्तू और मक्का का आटा भी 50 रुपये के पैकेट में उपलब्ध है, जबकि तीसी का लड्डू 100 रुपये के डब्बे में बिक्री के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि उनके स्टॉल को बिहार के अलावा आंध्र प्रदेश, जलगांव, उड़ीसा समेत अन्य राज्यों के विभिन्न आयोजनों में भी प्रदर्शित किया गया है और इसे कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। अब तक उन्हें 32 पुरस्कार मिल चुके हैं, जिसमें कृषि, उद्यान, बिहार दिवस, महिला महोत्सव, महिला बाल विकास विभाग और अन्य सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों से सम्मान शामिल हैं।

सोनपुर मेला में इस प्रदर्शनी के अलावा खेल तमाशा, झूला, मीना बाजार, गर्म कपड़ों की दुकानें, आर्ट एंड क्राफ्ट की दुकाने और सांस्कृतिक पंडाल में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मेला आगामी 10 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान देश और विदेश से सैलानी, साथ ही बिहार के विभिन्न जिलों से लाखों लोग मेला देखने पहुंच रहे हैं। तीसी के लड्डू की लोकप्रियता के कारण स्टॉल पर हमेशा भीड़ लगी रहती है और लोग इसे खरीदने के लिए विशेष रूप से आते हैं।
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