{"_id":"6a0c6542c53987f5930c57d0","slug":"bihar-protest-staged-in-front-of-vaishali-dm-and-hajipur-mla-vehicles-hajipur-news-vaishali-news-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-4299692-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: सड़क के लिए फूटा जनता का गुस्सा! डीएम-एसपी का काफिला रोका, गाड़ियों के आगे धरने पर बैठे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: सड़क के लिए फूटा जनता का गुस्सा! डीएम-एसपी का काफिला रोका, गाड़ियों के आगे धरने पर बैठे ग्रामीण
Tue, 19 May 2026 07:56 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 07:56 PM IST
सार
वैशाली के दौलतपुर चांदी गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने डीएम और एसपी का काफिला रोक दिया। लोग डीएम से गांव चलकर हालात देखने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन का वीडियो वायरल होने के बाद राजद ने भी सरकार पर निशाना साधा।
विज्ञापन
विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
वैशाली जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मामला उस समय गरमा गया जब जिला अधिकारी वर्षा सिंह, एसपी विक्रम सिहाग और स्थानीय विधायक अवधेश सिंह सहयोग शिविर से लौट रहे थे।
ग्रामीणों ने रोका अधिकारियों का काफिला
बताया जा रहा है कि दौलतपुर चांदी गांव के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और अधिकारियों के काफिले को रोक दिया। लोगों का आरोप था कि गांव में कई वर्षों से सड़क नहीं बनी है, जिससे उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने डीएम से गांव चलने की मांग की
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से खुद गांव जाकर हालात देखने की मांग की। लोगों का आरोप था कि स्थानीय विधायक अवधेश सिंह ने डीएम को गांव की ओर जाने से रोक दिया। ग्रामीण लगातार नारेबाजी करते रहे और प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश करती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत होने को तैयार नहीं थे।
विज्ञापन
डीएम की गाड़ी के आगे बैठ गए लोग
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ ग्रामीण डीएम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए। लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Bihar: BRO ने संभाली कमान, दिन-रात जारी है काम; विक्रमशिला सेतु पर जून के पहले हफ्ते तक शुरू हो सकता है आवागमन
राजद ने साधा सरकार पर निशाना
इस पूरे मामले को लेकर आरजेडी ने भी सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा विधायक और प्रशासन पर सवाल उठाए। राजद ने आरोप लगाया कि वर्षों से क्षेत्र में सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में गंभीर पहल नहीं की।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने रोका अधिकारियों का काफिला
बताया जा रहा है कि दौलतपुर चांदी गांव के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और अधिकारियों के काफिले को रोक दिया। लोगों का आरोप था कि गांव में कई वर्षों से सड़क नहीं बनी है, जिससे उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने डीएम से गांव चलने की मांग की
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से खुद गांव जाकर हालात देखने की मांग की। लोगों का आरोप था कि स्थानीय विधायक अवधेश सिंह ने डीएम को गांव की ओर जाने से रोक दिया। ग्रामीण लगातार नारेबाजी करते रहे और प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश करती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत होने को तैयार नहीं थे।
विज्ञापन
डीएम की गाड़ी के आगे बैठ गए लोग
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ ग्रामीण डीएम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए। लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Bihar: BRO ने संभाली कमान, दिन-रात जारी है काम; विक्रमशिला सेतु पर जून के पहले हफ्ते तक शुरू हो सकता है आवागमन
राजद ने साधा सरकार पर निशाना
इस पूरे मामले को लेकर आरजेडी ने भी सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा विधायक और प्रशासन पर सवाल उठाए। राजद ने आरोप लगाया कि वर्षों से क्षेत्र में सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में गंभीर पहल नहीं की।