Yash Paswan: रामविलास पासवान के कुनबे से एक और युवा का राजनीति में प्रवेश, पिता के साथ मंच पर आए यश पासवान
Bihar News: राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तरह दिवंगत राम विलास पासवान का परिवार भी राजनीति में है। अभी उनके कुनबे से सिर्फ बेटे सांसद हैं। खुद-भाई-भतीजा भी सांसद थे। अब इस परिवार के नए सदस्य ने राजनीति में प्रवेश किया है। नाम है- यश पासवान।
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बिहार में दिग्गज राजनेता रहे दिवंगत रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस एक बार फिर राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में मकर संक्रांति के मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस की दही-चूड़ा पार्टी में लालू परिवार ने शिरकत की थी। फिर पशुपति भी लालू से मिलने पहुंचे थे। अब पशुपति ने राजनीति में नया अध्याय शुरू करते हुए हाजीपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने बेटे यश पासवान को लांच कर दिया।
इसी दौरान पशुपति पारस ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में दलित पार्टी समझकर नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी किसके साथ गठबंधन करेगी, इसका फैसला अप्रैल में राष्ट्रीय बोर्ड की बैठक के बाद किया जाएगा।
‘एनडीए ने विश्वासघात किया, लेकिन हम खड़े रहे’
पशुपति कुमार पारस ने कहा कि हमने एनडीए का साथ दिया, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान हमें एक भी टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने हमारी पार्टी को दलितों की पार्टी समझकर किनारे कर दिया। यह हमारे साथ विश्वासघात था। पारस ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ेगी, लेकिन यह गठबंधन किसके साथ होगा, इसका एलान अप्रैल में किया जाएगा।
‘राज की बात राज रहने दें’
वहीं, पशुपति पारस के हालिया लालू परिवार से मुलाकात की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है। जब इस मुलाकात के बारे में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह राज की बात है। इसे हर जगह नहीं कहा जा सकता। राज की बात राज रहने दें। हालांकि, यह भी चर्चा है कि पारस और लालू परिवार के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन गई है और अब केवल औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
बेटे यश कुमार पासवान की एंट्री से बढ़ा उत्साह
महुआ में आयोजित इस कार्यकर्ता सम्मेलन में पारस के बेटे यश कुमार पासवान की राजनीतिक शुरुआत चर्चा का विषय रही। यश ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया। प्रिंस राज ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि पार्टी अपने निर्णय समय आने पर सार्वजनिक करेगी। कार्यकर्ता सम्मेलन में पारस के साथ उनके बेटे यश कुमार और प्रिंस राज की मौजूदगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। यश कुमार की एंट्री को पार्टी के लिए नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
‘लालू परिवार से हमारा पारिवारिक रिश्ता पुराना है’
प्रिंस पासवान ने लालू परिवार के साथ संबंधों को लेकर कहा कि हमारा और लालू जी के परिवार का रिश्ता सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक भी है। बातचीत होती रहती है। इसे बड़ी बात बनाने की जरूरत नहीं है।
क्या RLJP का राजद से गठबंधन होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पारस और लालू परिवार के बीच हालिया मुलाकात और पारस द्वारा एनडीए पर की गई टिप्पणी, इस बात की ओर इशारा करती है कि RLJP अब राजद के साथ गठबंधन की ओर बढ़ रही है। हालांकि, पारस ने इस पर फिलहाल चुप्पी साधी हुई है।