Bihar: PFI के फरार आरोपी के खिलाफ टेरर मॉड्यूल फंडिंग बैंक स्टेटस मामले में होगी जांच, ATS से भी ली जा रही मदद
Bihar PFI Case: केस के आईओ और डीएसपी वेस्ट अभिषेक आनंद ने बताया कि पीएफआई मामले को लेकर हम लगातार कार्य कर रहे हैं। इस मामले में ATS से मदद भी ले रहे हैं। कुछ प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद इस मामले में पुलिस जांच को और तेज कर देगी।
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बिहार की मुजफ्फरपुर पुलिस प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के फरार आरोपी मो. अफरोज की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई में तेजी लाएगी। केस के आईओ डीएसपी अभिषेक आनंद इस दिशा में जुटे हुए हैं और मो. अफरोज को लेकर फंडिंग और अन्य लोगों के संपर्क की लिस्टिंग करके कार्रवाई तेज करेंगे। इसके लिए अब लगातार एंटी टेरर स्क्वाड (ATS) की मदद ली जा रही है। अब तक पुलिस इस मामले में फरार आरोपी से जुड़े तार और नेटवर्क को खंगाल रही है। यह मामला जिले के बरूराज थाना क्षेत्र के PFI केस से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, प्रतिबंधित संगठन PFI के फुलवारीशरीफ टेरर माड्यूल से जुड़े बरूराज थाना में दर्ज हुए मामले में जिला पुलिस की टीम और केस के आईओ एक बार फिर से जांच को और तेज करेंगे। बीते तीन माह पूर्व केस से जुड़े दो आरोपियों से पूछताछ पूरी होने के बाद कई अहम जानकारियां जुटाई गईं थी। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच को तेज करने जा रही है।
गौरतलब है कि पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले के मो. याकूब खान उर्फ सुलतान और मो. बेलाल उर्फ इरशाद से गहन पूछताछ कर कई जानकारियां जुटाईं थी। इस मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस, एनआईए, एटीएस और खुफिया एजेंसी भी शामिल रही थी। पटना के बेऊर जेल में बंद दोनों ही आरोपियों ने फरार आरोपी के बारे में, PFI को एक्टिव करने और नए रिक्रूट की जानकारी दी थी। उसमें यह बात सामने आई थी कि इनका नेटवर्क तेजी से प्रचार-प्रसार और लोगों की भर्ती करने के काम में शामिल रहा है। यह सारा काम मो. अफरोज की देख में किया जा रहा है। यही नहीं बल्कि इनके लिए अलग-अलग खाते में पैसे भेजे गए थे जो कहां से आए और किसने भेजे, इस बारे में कई एजेंसी और ATS की टीम की मदद ली जा रही है। कुछ औपचारिकताओं के पूरे होने के बाद यह कार्रवाई तेज हो जाएगी और यह अंतिम रूप में है।
दरअसल, बीते माह बेऊर जेल में बंद दोनों आरोपियों से पूछताछ में एक बैंक खाते में टेरर फंडिंग का एक बड़ा अमाउंट मंगाया गया था। इसको जल्द ही दूसरे खाते में ट्रांसफर कराया गया था। यह राशि कितनी बड़ी थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की मानें तो यह राशि और भी बड़ी हो सकती है जो कि कई अन्य लोगों के खातों में भी ट्रांसफर की गई होगी। संगठन के विस्तार से लेकर फंडिंग तक की इस जांच में पुलिस को पर्याप्त सबूत मिले थे।
केस के आईओ और डीएसपी वेस्ट अभिषेक आनंद ने बताया कि पीएफआई मामले को लेकर हम लगातार कार्य कर रहे हैं। इस मामले में ATS से मदद भी ले रहे हैं। कुछ प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद इस मामले में पुलिस जांच को और तेज कर देगी। यही नहीं बल्कि पुलिस पीएफआई केस में फरार आरोपी मो. अफरोज को पकड़े जाने की कवायद तेज करेगी। साथ ही फंडिंग मामले के बिंदुओं पर जांच करना शुरू करेगी। हम लगातार इस दिशा में बरूराज थाना क्षेत्र में सूचना को इकट्ठा कर रहे हैं और इस मामले में टेक्निकल टीम की भी कई एंगल से मदद लेकर जांच कर रहे हैं। बरूराज के परसौनी गांव में पकड़े गए मो. कादिर अंसारी से भी आगे की जानकारी जुटाएंगे।