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Bihar: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस से पूछा- अधिवक्ता की आंख क्यों फोड़ी गई? एसएसपी से जवाब तलब

Mon, 08 Apr 2024 12:44 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 08 Apr 2024 12:44 PM IST
सार

Muzaffarpur News: मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने बताया है कि अब यह पूरा मामला मानवाधिकार उल्लंघन के अति गंभीर श्रेणी का मामला है। आयोग मामले को लेकर काफी सख्त है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा मामले को काफी गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में पूरा जवाब एसएसपी राकेश से मांगा गया है।

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Bihar: NHRC sent notice to Muzaffarpur SSP asking, Why was advocate's eye gouged
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अधिवक्ता की आंख फोड़े जाने के मामले में एसएसपी मुजफ्फरपुर राकेश कुमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीड़ित अधिवक्ता की ओर से मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा मामले की पैरवी कर रहे हैं। जिले के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस जवान ने डंडा मारकर अधिवक्ता की आंख फोड़ दी थी।

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जानकारी के मुताबिक, पुलिस जवान द्वारा अधिवक्ता की आंख फोड़े जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी मुजफ्फरपुर को नोटिस जारी किया है। NHRC ने सख्त रुख अपनाते हुए मुजफ्फरपुर की पुलिस से सवाल किया है कि अधिवक्ता पर डंडा क्यों चलाया गया और अधिवक्ता की आंख क्यों फोड़ी गई? आयोग के द्वारा पूरे मामले की रिपोर्ट 15 अप्रैल से पहले मांगी गई है।
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गौरतलब है कि सात फरवरी को अधिवक्ता पंकज कुमार रात के लगभग 11:40 बजे पटना से अपने आवास मुजफ्फरपुर लौट रहे थे। तब पावर हाउस चौक पर पहले से मौजूद काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिसकर्मी वाहन जांच के लिए खड़े थे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता की गाड़ी को रोका। फिर उनसे पूछा गया कि वह कहां से आ रहे हैं? जब तक अधिवक्ता कुछ बोल पाते तब तक पुलिस अधिकारी द्वारा उन्हें गाली देते हुए पुलिसकर्मियों को उन्हें मारने का आदेश दे दिया गया। उसके बाद एक पुलिसकर्मी ने अधिवक्ता पंकज कुमार की आंख में डंडे से वार कर दिया। इस हमले के बाद वह दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर गए। तब सभी पुलिसकर्मी वहां से भाग गए। उसके बाद गंभीर रूप से घायल हुए अधिवक्ता पंकज कुमार का इलाज शंकर नेत्रालय कोलकाता में करवाया गया, लेकिन उनकी एक आंख की रोशनी जा चुकी है। अब तक दो बार सर्जरी हो चुकी है, जबकि एक अन्य सर्जरी मई के अंतिम सप्ताह में होनी है।
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वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार ने मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एसके झा के जरिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और बिहार मानवाधिकार आयोग, पटना को दी थी। उस पर सुनवाई करते हुए अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली ने एसएसपी मुजफ्फरपुर को तलब किया है।   

Bihar: NHRC sent notice to Muzaffarpur SSP asking, Why was advocate's eye gouged
मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा - फोटो : अमर उजाला

मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने बताया है कि अब यह पूरा मामला मानवाधिकार उल्लंघन के अति गंभीर श्रेणी का मामला है। आयोग मामले को लेकर काफी सख्त है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा मामले को काफी गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में पूरा जवाब एसएसपी राकेश से मांगा गया है कि आखिर किस वजह से डंडा मारा गया और आंख क्यों फोड़ी गई है।

वहीं, एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता रामशरण सिंह ने कहा कि आयोग के द्वारा उठाए गए इस कदम से अब दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होना सुनिश्चित है। महासचिव वीरेंद्र कुमार लाल ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को विभाग से अविलंब बर्खास्त किया जाना उचित प्रतीत होता है। वहीं, वरीय कानूनविद् विजय कुमार शाही ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को अविलंब बर्खास्त करते हुए सरकार को तत्काल 20 लाख रुपये का मुआवजा अधिवक्ता पंकज कुमार को अविलंब देना चाहिए।

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