Bihar News : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तीन लाभुकों ने लौटाया पैसा; अमर उजाला की खबर का असर
Fake Mother : 21 और 25 साल की उम्र में खुद को 18 साल की बेटी की मां दिखाने वाली और बगैर बेटी जने ही उसकी शादी कराने वाली मां से श्रम विभाग ने राशि रिकवर कर ली है। 'अमर उजाला' की पड़ताल के बाद यह खबर सामने आई थी।
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'अमर उजाला' की पड़ताल के बाद विभाग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। बुधवार को हमने सबसे पहले यह खबर सामने आई थी कि जिले कोटवा प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने बिना बेटी वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 50-50 हजार रुपए का लाभ दे दिया था। यह महिलाएं खुद 21 या 25 साल की हैं और इन्होंने अपनी 18-18 साल की बेटी की शादी के नाम पर योजना की राशि उठा ली थी। इसी तरह एक ऐसी महिला की जानकारी भी सामने लायी गई थी, जिन्होंने खुद ही जिला प्रशासन के समक्ष शपथ पत्र में केवल अपने चार बेटों की जानकारी दी थी और योजना का लाभ लेने के लिए अपनी फर्जी बेटी दिखा दी थी।
300 आवेदन रद्द, फिर भी एक पंचायत में 400 शादियां!
'अमर उजाला' ने बुधवार को कोटवा प्रखंड तीन लाभुकों का उदाहरण दिया था। हमारी खबर के बाद श्रम विभाग ने आननफानन में सिर्फ उन्हीं तीन लाभुकों से राशि की रिकवरी कराई है, जिनका उदाहरण दिखाया गया था। इस मामले में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खबर में बताया गया था कि कैसे भ्रष्टाचार में डूबे श्रम विभाग ने हरसिद्धि प्रखंड के एक ही पंचायत मानिकपुर हसुआहा में 1464 लोगों का लेबर कार्ड बनाकर उनमें से 400 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ दे दिया है। अन्य 300 आवेदनों को रद्द भी किया गया, लेकिन एक पंचायत में एक सीजन में 400 शादियों का अजूबा भी खबर के जरिए सामने लाया गया था।
लोगों के मन में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा सवाल
आम जनता यह जानना चाहती है कि क्या यह संभव है एक ही पंचायत के लगभग 1500 लोग निर्माण कार्य से जुड़े हैं और क्या यह संभव है कि एक ही पंचायत में एक साथ 400 लोगों की बेटियों की शादी हुई हो? श्रम विभाग से आम जनता को इन सवालों के जवाब का इंतजार रहेगा। श्रम अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने सिर्फ तीन फर्जी लाभुकों से राशि रिकवरी की पुष्टि की है।