Bihar: मोतिहारी जेल में बड़ा खेल! VIDEO लीक की धमकी देकर जेल अधीक्षक से मांगी रंगदारी; नेपाल का एंगल क्या?
मोतिहारी सेंट्रल जेल से जुड़े ब्लैकमेलिंग मामले में जेल अधीक्षक को नेपाल नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर लाखों की रंगदारी मांगी गई। आरोपी ने जेल के अंदर के कथित वीडियो वायरल करने की धमकी दी। एफआईआर दर्ज कर पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी हैं।
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पूर्वी चंपारण के मोतिहारी सेंट्रल जेल से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल अधीक्षक को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी ने दावा किया है कि उसके पास जेल के अंदर की कई गोपनीय गतिविधियों के वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें वायरल करने की धमकी दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 3 मई को जेल अधीक्षक के निजी मोबाइल नंबर पर नेपाल के एक नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को जेल से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि उसके पास सेंट्रल जेल के अंदर के कई वीडियो हैं, जिनमें कथित तौर पर जेल परिसर के भीतर चल रही गतिविधियां रिकॉर्ड हैं। इसके बाद आरोपी ने सबूत के तौर पर कुछ वीडियो भी भेजे।
अगले दिन फिर उसी नंबर से कॉल कर दो और वीडियो भेजे गए। ब्लैकमेलर ने दावा किया कि उसके पास कुल सात वीडियो हैं और यदि उसे पैसे नहीं दिए गए तो वह इन वीडियो को मीडिया और विपक्षी नेताओं तक पहुंचा देगा। आरोपी ने यह भी कहा कि वीडियो सामने आने पर जेल प्रशासन की “काली करतूतों” का खुलासा हो जाएगा।
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धमकी मिलने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीर मानते हुए जेल उपाधीक्षक संजय कुमार ने नगर थाना में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आवेदन में आशंका जताई गई है कि जेल से छूटे कुछ कैदियों ने जेल के अंदर वीडियो बनाया और अब उसी के आधार पर ब्लैकमेलिंग की जा रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद नगर थाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस नेपाल नंबर, कॉल डिटेल और वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कर रही है।
इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जेल के अंदर वीडियो कैसे बनाए गए? यदि वीडियो में वास्तव में किसी अवैध गतिविधि का खुलासा होता है, तो क्या प्रशासन उस पर कार्रवाई करेगा या फिर मामला केवल ब्लैकमेलर की गिरफ्तारी तक सीमित रह जाएगा? फिलहाल पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।