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Bihar News: चचरी से पार करते हैं लोग नदी, पुल को चालू कराने में नहीं हुई सार्थक पहल, 20 साल से बनकर है तैयार
Thu, 27 Feb 2025 04:18 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 04:18 PM IST
सार
Bihar News: बेतिया में एक ऐसा गांव, जहां पुल बनने के बाद भी लोग चचरी पुल के सहारे टैक्स देकर आने-जाने को बेबस हैं। हालांकि, बीस वर्ष बीत जाने के बाद भी बने पुल को चालू करने की पहल नहीं हो सकी है।
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चचरी पुल पार करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के बेतिया में एक ऐसा गांव, जहां पुल बनने के बाद भी लोग चचरी पुल के सहारे टैक्स देकर आने-जाने को बेबस हैं। हालांकि, बीस वर्ष बीत जाने के बाद भी बने पुल को चालू करने की पहल नहीं हो सकी है। मामला जिले के मैनाटाड़ प्रखंड के मर्जदवा मुख्य पथ में हाजमाटोला गांव के पास हरपतबेनी नदी का है। जहां चचरी पुल के सहारे बीस हजार की आबादी आवागमन करती है।
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पिछले 20 वर्षों से पुल बनकर तैयार है, लेकिन इस पुल से आवागमन बहाल करने की सार्थक पहल किसी के द्वारा भी नहीं की गई। 21.5 लाख की लागत से पुल बनकर तैयार रहते हुए भी लोग चचरी से जान जोखिम में डालकर आते जाते हैं। करीब 20 वर्षों से ज्यादा समय से 21.5 लाख का पुल बनकर तैयार है। लेकिन इस पुल से आज तक किसी राहगीर को कोई फायदा नहीं हुआ है। पुल के एप्रोच के सामने ही एक व्यक्ति के द्वारा नीज भूमि बताकर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसके कारण पुल बेकार पड़ा हुआ है, जिसके कारण पुल से आज तक आमजन कोई फायदा नहीं हुआ है।
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हालांकि, अप्रैल 2018 में तत्कालीन जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी पुल को चालू करने की दिशा में कार्रवाई किए थे। आधा दर्जन थाने के पुलिस पदाधिकारी दंडाधिकारी की मौजूदगी में हरेंद्र महतो के द्वारा बनाया गया दीवार तोड़ दिया गया था। दीवार को तोड़ने के समय पुलिस को महिलाओं का आक्रोश भी झेलना पड़ा। फिर भी जिला प्रशासन के आदेश पर कार्रवाई का इतिश्री पूरा कर रिपोर्ट दिखला दिया गया। लेकिन पुल को चालू करने की दिशा में सार्थक पहल नहीं हो सका। प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण वाले जमीन पर से पेड़ काटकर एवं मनरेगा से मिट्टी भराई कर पुल को चालू करने की योजना धरी की धरी रह गई।
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चचरी टैक्स अदा कर नदी को करना पड़ता है पार
पुल से कोई फायदा लोगों को नहीं है। मर्जदवा सहित दर्जनाधिक गांवों को जाने के लिए मैनाटाड़ से एक मात्र नजदीक का यहीं रास्ता है। लेकिन बदनसीबी यह है कि लोग पुल रहते हुए भी चचरी से पांच रुपये शुल्क देकर आते जाते हैं। तीन फरवरी 2021 को वर्तमान सिकटा विधानसभा के विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने पुल के अप्रोच पथ को चालू करने के लिए धरना दिया था। इसके बावजूद भी पुल का एप्रोच पथ चालू करने में कोई सार्थक पहल विभाग द्वारा नहीं की गई।
यहा बता दें, मैनाटाड़ प्रखंड मुख्यालय से मर्जदवा जाने के लिए हजमाटोला गांव के रास्ता ही नजदीक का रास्ता है। लेकिन बरसात के दिनों में हरपतबेनी नदी में पानी का लेबल बढ़ जाने से चचरी का भी संपर्क खत्म हो जाता है, जिससे मर्जदवा सहित कई गांवों के लोगों को चार पांच किलोमीटर की दूरी के बजाय दस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
बीस हजार की आबादी प्रभावित है। लेकिन पुल को चालू कराने के दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाने से लोगों में काफी आक्रोश है। आक्रोशित लोग श्याम कुमार, मोसाहेब आलम, राजकुमार साह, बलराम कुशवाहा, ज्योतिश्वर महतो, किशोर साह, विक्रम महतो, विनय कुशवाहा, कमल राम, रमेश चौधरी आदि लोगों का कहना है कि आखिर क्या समस्या आन पड़ी है। प्रशासन लाखों का पुल चालू कराने में जहमत नहीं उठा रहा है। लोगों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर पुल को चालू कराने की मांग की है।