{"_id":"5d1ecdf98ebc3e3cf0533030","slug":"muzaffarpur-death-toll-due-to-acute-encephalitis-syndrome-rises-to-140-in-bihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार: मुजफ्फरपुर में एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या हुई 140","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार: मुजफ्फरपुर में एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या हुई 140
Fri, 05 Jul 2019 09:43 AM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Fri, 05 Jul 2019 09:43 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 140 हो गई है। इनमें 119 की मौत श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) और 21 मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई हैं। इस बीमारी को बिहार में दिमागी बुखार और चमकी बुखार भी कहा जाता है।
विज्ञापन
बिहार सरकार और केंद्रीय एजेंसियों की टीमें बच्चों की मौत के असल कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन इसकी असल वजह का पता नहीं चल पा रहा है।
Muzaffarpur: Death toll due to Acute Encephalitis Syndrome (AES) rises to 140 (119 at Sri Krishna medical college Hospital & 21 at Kejriwal Hospital) #Bihar pic.twitter.com/AdLVEGcrKt
— ANI (@ANI) July 5, 2019विज्ञापन
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य विधानसभा में कहा था कि एईएस से होने वाली मौतों में कमी आई है। उन्होंने कहा था, "जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था, दुख व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है। हमने कई सारी बैठकें कीं और मुद्दे पर चर्चा की।"
विज्ञापन
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इस दौरान कहा कि "मृत्यु दर में 21 फीसदी की कमी आई है। 2011-19 के आंकड़ों के अनुसार बीते कुछ सालों में एईएस से होने वाले मौत के आंकड़े में कमी आई है।" बता दें नीतीश सरकार की बीमारी के कारण लगातार हो रही मौत के चलते काफी निंदा हुई थी। कहा गया कि सरकार ने देरी से मामले को संज्ञान में लिया और मुख्यमंत्री भी काफी दिनों बाद अस्पताल के दौरे पर आए।
यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जनहित याचिका दायर होने के बाद केंद्र, बिहार और उत्तर प्रदेश सरकार से सात दिनों में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। जिसमें उनसे मुजफ्फरपुर में एईएस से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से संबंधित सुविधाओं का विवरण मांगा गया था।