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मिसाल: बिहार में मुस्लिम परिवार ने दान की 2.5 करोड़ रुपये की जमीन, जानें पूरा मामला
Mon, 21 Mar 2022 11:37 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 21 Mar 2022 11:37 PM IST
सार
पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमीन इश्तियाक अहमद खान ने दान की है, जो गुवाहाटी में रहने वाले पूर्वी चंपारण के एक व्यापारी हैं।
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विस्तार
बिहार के एक मुस्लिम परिवार ने देश में सांप्रदायिक सौहार्द की एक मिसाल कायम की है। इस परिवार ने राज्य के पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया इलाके में बनने वाले दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर-विराट रामायण मंदिर के लिए 2.5 करोड़ रुपये की जमीन दान में दी है। पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमीन इश्तियाक अहमद खान ने दान की है, जो गुवाहाटी में रहने वाले पूर्वी चंपारण के एक व्यापारी हैं।
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भारतीय पुलिस सेवा के एक पूर्व अधिकारी कुणाल ने कहा, 'उन्होंने हाल ही में केशरिया सब-डिवीजन, पूर्वी चंपारण के रजिस्ट्रार कार्यालय में मंदिर निर्माण के लिए अपने परिवार से संबंधित भूमि की दान से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कीं।'
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आचार्य ने कहा कि खान और उनके परिवार का यह दान दो समुदायों के बीच सामाजिक समरसता और भाईचारे का एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की मदद के बिना इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करना मुश्किल होता।
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महावीर मंदिर ट्रस्ट को अब तक इस मंदिर के निर्माण के लिए 125 एकड़ जमीन मिली है। ट्रस्ट को जल्द ही क्षेत्र में 25 एकड़ और जमीन भी मिल जाएगी।
बताया जाता है कि विराट रामायण मंदिर कंबोडिया में विश्व प्रसिद्ध 12वीं शताब्दी के अंकोरवाट परिसर से भी ऊंचा होगा, जो 215 फीट ऊंचा है। पूर्वी चंपारण के परिसर में ऊंचे शिखरों वाले 18 मंदिर होंगे और इसके शिव मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा। इसके निर्माण की कुल लागत करीब 500 करोड़ रुपये आंकी गई है।