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Bihar News: बारिश से सिमरियाधाम कल्पवास मेला जलमग्न, व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त; श्रद्धालु परिसर छोड़ने को मजबूर
Fri, 31 Oct 2025 10:41 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Fri, 31 Oct 2025 10:41 PM IST
सार
बेगूसराय के सिमरियाधाम में चल रहे राजकीय कल्पवास मेला में चक्रवाती मोंथा की बारिश से कुटियाओं में पानी घुस गया है। साधु-संतों ने जिला प्रशासन से जल्द राहत और व्यवस्था सुधार की मांग की है।
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कल्पवास मेला में श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के बेगूसराय स्थित सिमरियाधाम में चल रहे राजकीय कल्पवास मेला में श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और चक्रवाती मोंथा के प्रभाव से मेला क्षेत्र में जलजमाव हो गया है। कई कुटियाओं में पानी घुस गया है, जिससे साधु-संतों और श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालु मेला स्थल छोड़ने को मजबूर
तेज हवा और लगातार बारिश के कारण एक दर्जन से अधिक कल्पवासियों की कुटियाएं उजड़ गई हैं। साधु-संतों ने बताया कि खालसा शिविरों में रखे गए आटा, चावल, चीनी और अन्य भोजन सामग्री भी भीग गई है, जिससे भंडारा चलाना मुश्किल हो गया है। ठंड और कीचड़ के कारण कई श्रद्धालु मेला स्थल छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
महंत जानकी वल्लभ वेदांती, बौआ हनुमान दास, राम पुकार दास और राम जतन दास सहित कई संतों ने जिला प्रशासन से प्लास्टिक शीट, भोजन सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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बैठने और सोने में दिक्कत हो रही है
बारिश के चलते गंगा महाआरती भी प्रभावित हो गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेला परिसर में हर जगह पानी भर गया है, जिससे बैठने और सोने में दिक्कत हो रही है। साधु-संतों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की अपील की है ताकि कल्पवासियों को राहत मिल सके।
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श्रद्धालु मेला स्थल छोड़ने को मजबूर
तेज हवा और लगातार बारिश के कारण एक दर्जन से अधिक कल्पवासियों की कुटियाएं उजड़ गई हैं। साधु-संतों ने बताया कि खालसा शिविरों में रखे गए आटा, चावल, चीनी और अन्य भोजन सामग्री भी भीग गई है, जिससे भंडारा चलाना मुश्किल हो गया है। ठंड और कीचड़ के कारण कई श्रद्धालु मेला स्थल छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
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महंत जानकी वल्लभ वेदांती, बौआ हनुमान दास, राम पुकार दास और राम जतन दास सहित कई संतों ने जिला प्रशासन से प्लास्टिक शीट, भोजन सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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बैठने और सोने में दिक्कत हो रही है
बारिश के चलते गंगा महाआरती भी प्रभावित हो गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेला परिसर में हर जगह पानी भर गया है, जिससे बैठने और सोने में दिक्कत हो रही है। साधु-संतों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की अपील की है ताकि कल्पवासियों को राहत मिल सके।