बिहार: गंगा ने पार किया खतरे का निशान, 9 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा पानी; यहां निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहराया
मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। शुक्रवार दोपहर 2 बजे गंगा खतरे के निशान से 9 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से ग्रामीणों के सामने पलायन का संकट खड़ा हो गया है।
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मुंगेर जिले में गंगा एक बार फिर रौद्र रूप में है। गुरुवार देर रात गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 2 बजे गंगा खतरे के निशान से 9 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के निचले इलाकों, गांवों और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। कई इलाकों में देर रात पानी घुसने के बाद ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
गंगा का पानी खेतों तक पहुंच गया है। इससे बड़ी संख्या में फसलें जलमग्न हो गई हैं और किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। वहीं, बाढ़ का पानी कई सरकारी विद्यालयों में भी प्रवेश कर गया है। नगर निगम क्षेत्र के मध्य विद्यालय हेरुदियारा में पानी घुसने के कारण विद्यालय को पूरी तरह बंद करना पड़ा। इसी तरह जमालपुर प्रखंड की सिंघिया पंचायत स्थित मुसाहिब महतो टोला मध्य विद्यालय में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। विद्यालय परिसर में पानी जमा होने से पठन-पाठन प्रभावित हो गया है।
सदर प्रखंड क्षेत्र के सीताचरण और जफर नगर गांव में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। घरों के आसपास पानी फैलने के बाद कई ग्रामीण अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ ग्रामीण जिला मुख्यालय स्थित बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण लिए हुए हैं। लोग अपने साथ जरूरी सामान और मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार तेज वृद्धि हो रही है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से राहत, सुरक्षित ठिकाने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।