बिहार न्यूज: नाबालिग से अभद्रता का वीडियो वायरल करना पड़ा भारी, 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर केस
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित अभद्रता और छेड़खानी के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में साइबर थाना में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है।
विस्तार
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और छेड़खानी किए जाने के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले यूजर्स के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। साइबर थाना में करीब 120 सोशल मीडिया यूजर्स के प्रोफाइल को शामिल करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने सोमवार को बताया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानून के तहत गंभीर अपराध है। पुलिस इस मामले में सोशल मीडिया अकाउंट और वीडियो के प्रसार से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ प्राथमिकी
एसपी ने बताया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है। इस प्राथमिकी में करीब 120 सोशल मीडिया यूजर्स के प्रोफाइल को शामिल किया गया है। पुलिस संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और वीडियो को प्रसारित करने में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो को किस तरह सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और किन-किन अकाउंट से इसे आगे शेयर या पोस्ट किया गया।
पॉक्सो और आईटी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को प्रसारित करने के मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 23, आईटी एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना उसकी निजता और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मामले से जुड़े किसी भी वीडियो या तस्वीर को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। पुलिस का कहना है कि ऐसी सामग्री को दोबारा पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वीडियो शेयर न करने की एसपी ने की अपील
एसपी ने आम लोगों से अपील की कि वे पीड़िता की निजता का सम्मान करें और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को डाउनलोड कर दोबारा पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर रही है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है और नाबालिग पीड़िता की निजता भी प्रभावित होती है। इसलिए लोगों को ऐसी सामग्री को आगे प्रसारित करने से बचना चाहिए।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही प्रयास
एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि मूल घटना में शामिल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की दिशा में कार्रवाई जारी है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचें और जांच में पुलिस का सहयोग करें।