मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप: खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर, हेमजापुर में कटाव से 20 से अधिक मकान खतरे में
Bihar: स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि इसी वार्ड में 20 से अधिक मकान कटाव के खतरे में हैं।
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मुंगेर जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। लगातार बारिश और बाढ़ की दोहरी मार से पीड़ित लोग बेहाल हैं। धरहरा प्रखंड के हेमजापुर पंचायत के कुर्मी टोला में गंगा का कटाव तेज हो गया है।
पंचायत के वार्ड संख्या 6 में शैलेंद्र चौधरी का पक्का मकान गंगा में समाने के कगार पर है। मकान में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे परिवार डरा और सहमा हुआ है। अधिकांश लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस कमरे में वे सोते थे, वह हिस्सा पहले ही गंगा में समा चुका है और पूरा मकान कटाव की जद में है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि इसी वार्ड में 20 से अधिक मकान कटाव के खतरे में हैं।
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मकान मालिक ने बताया कि हर साल गंगा में आई बाढ़ से यही स्थिति बनती है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से पूरा क्षेत्र बाढ़ग्रस्त है। कुछ स्थानों पर कटावरोधी कार्य किया गया है, लेकिन कई जगह अब भी कार्य नहीं होने से कटाव की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले कटावरोधी कार्य के दौरान जेसीबी से खुदाई की गई, जिससे जमीन कमजोर हो गई। पानी बढ़ने पर मिट्टी गीली हो गई और कटाव की रफ्तार तेज हो गई।