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Bihar News: एजुकेशन लोन लेकर पूरी कर ली पढ़ाई, अब तक वापस नहीं किया पैसा, 45 छात्रों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस

Thu, 05 Dec 2024 04:54 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुरा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुरा Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 05 Dec 2024 04:54 PM IST
सार

बिहार के शेखपुरा जिले में एजुकेशन लोन लेकर पढ़ाई पूरी कर ली। लेकिन अब तक पैसा वापस नहीं किया। अब 45 छात्रों के विरूद्ध सर्टिफिकेट केस दर्ज किया गया है।

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Bihar Completed studies in Sheikhpura taking education loan money has not been returned yet certificate case
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, शेखपुरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य सरकार ने छात्र-छात्राओं को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत चार लाख का ऋण आसान शर्तों पर दिया जाता है। ताकि उनकी पढ़ाई जारी रखने में कोई परेशानी न हो। बावजूद इसके लिए कई छात्र इसका लाभ लेने के बाद भी निर्धारित समय बीत जाने के बाद ऋण की वापसी नहीं की है। इस योजना के प्रावधान के मुताबिक ऋण दिलाने में सरकार ही जिम्मेदारी लेती है। इधर, ऋण वापसी नहीं करने पर बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की ओर से शेखपुरा जिले के 45 छात्रों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस किया है। जबकि इस दिशा में सख्ती बरतते हुए अभी तक तकरीबन 93 लाख रुपये की वसूली की गई है।

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नौकरी के लिए एक वर्ष का मिलता है। समय कोर्स समाप्त होने के बाद सरकार एक वर्ष का समय नौकरी ढूंढने के लिए देती है। अगर एक वर्ष में उन्हें नौकरी नहीं मिलती तो छह महीने का समय और अतिरिक्त दिया जाता है। इसके बावजूद भी अगर किसी छात्र या छात्रा को नौकरी नहीं लगती है तो हर छह महीने में नौकरी नहीं लगने से संबंधित एक एफिडेविट कार्यालय में जमा करना होता है। इस तरीके से उन्हें तीन साल का और ग्रेस मिल जाता है। जिले में 350 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जो कोर्स पूरा होने के बाद लोन जमा करने के लिए एप्लीकेशन के माध्यम से समय की मांग की है। इसके साथ ही 150 लोग ऐसे हैं, जिन्हें नौकरी मिल गई है और वे लोन की किस्त पूरी कर रहे हैं। सरकार की इस योजना में छात्राओं को एक प्रतिशत ब्याज दर से लोन चुकाना होता है। जबकि छात्रों को चार प्रतिशत के हिसाब से लोन चुकाना होता है। लोन की प्रक्रिया कोर्स पूरा होने के एक साल बाद से शुरू हो जाती है। 
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छात्र से एक व छात्रा से चार प्रतिशत लिया जाता है ब्याज
उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विभाग की यह अच्छी योजना है। इसमें पढ़ाई पूरी करने के बाद आसान किस्तों पर ऋण की अदायगी करनी होती है। इस पर ब्याज भी पढ़ाई के बाद भी लिया जाता है। इसमें छात्र के लिए एक प्रतिशत एवं छात्रा से चार प्रतिशत ब्याज की वसूली की जाती है। 
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नीलाम पत्र दायर करने से पहले पटना से चार बार भेजी जाती है नोटिस
सर्टिफिकेट केस करने से पहले चार बार नोटिस भेजकर संबंधित को निर्धारित किश्त के मुताबिक ऋण जमा करने को कहा जाता है। बावजूद इसके यदि ऋण का किश्त जमा नहीं किया जाता है, तो निगम की ओर से सर्टिफिकेट केस किया जाता है। सर्टिफिकेट केस आवेदक एवं सह आवेदक दोनों पर किया जाता है।


जिले में 2024-25 में कुल 650 छात्र-छात्राओं ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन दिया था। इसमें अब तक 525 छात्र छात्राओं का लोन स्वीकृत कर लिया गया है। इस मामले में जिले का आंकड़ा 91 प्रतिशत है।
अमृता पासवान, सहायक प्रबंधक, बिहार शिक्षा वित्त निगम

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