Bihar News: लड़कियों से छेड़खानी के मुद्दे पर बैठी पंचायत में बदमाशों ने की अंधाधुंध फायरिंग, दो गिरफ्तार
Begusarai News: बेगूसराय में लड़कियों से छेड़खानी के मुद्दे पर बैठी पंचायत में बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान मौके पर इकट्टा हुए ग्रामीणों दो बदमाशों को पकड़ कर जमकर पिटाई कर दी। वहीं, घटना से पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
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बिहार में लगातार गिरती कानून व्यवस्था को लेकर एक तरफ जहां विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमलावर है। वहीं, सत्ता पक्ष द्वारा अपराधियों पर नकेल कसने की बात कही जा रही है। लेकिन ऐसे में कई तस्वीरें सामने आ रही हैं जो कहीं न कहीं कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए काफी हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि अब अपराधी बिल्कुल ही बेखौफ हो चुके हैं। ताजा मामला बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां सरेआम अपराधियों ने लगातार फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की है। हालांकि उक्त मामले में ग्रामीणों ने खदेड़ कर दो अपराधियों को पकड़ लिया, जिन्हें पीटने के बाद लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, भगवानपुर थाना क्षेत्र के बनौली गांव में असामाजिक तत्वों और अपराधियों द्वारा लगातार लड़कियों से छेड़खानी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था। इसी को लेकर पंचायत बैठाने के लिए ग्रामीण एक जगह इकट्ठा हुए थे। उसमें बनौली निवासी राम पुकार महतो को भी बुलाया गया था। इस दौरान राम पुकार महतो ने बढ़-चढ़ कर उक्त घटना का विरोध किया था और अपराधियों के संबंध में पुलिस से शिकायत करने की बात उठाई थी। इसी से नाराज होकर लगभग दर्जन भर अपराधी मौके पर जमा हो गए और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही की राम पुकार महतो ने भाग कर अपनी जान बचा ली।
वहीं, गोली की आवाज और शोरगुल सुनकर दर्जनों ग्रामीण जमा हो गए, जिन्हें देखते ही अपराधी मौके से फरार हो गए। लेकिन ग्रामीणों ने खदेड़ कर बनौली निवासी गुलशन कुमार और समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के झौरा गांव निवासी रूपेश कुमार को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। उसके बाद दोनों अपराधियों को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया।
बताया जा रहा है कि घटनास्थल से ग्रामीणों ने एक पिस्टल और कारतूस भी बरामद किया, जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। ऐसे में कई सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या अपराधियों के मन से पुलिस का भय बिल्कुल ही खत्म हो चुका है। ऐसे में कहा जा सकता है कि ग्रामीणों द्वारा जिस तरह से कानून हाथ में लिया गया और अपराधियों को पकड़ा गया तो मॉब लिंचिंग जैसी बड़ी घटना भी सामने आ सकती थी। फिलहाल यह कहा जा सकता है कि पुलिस की नाकामी की वजह से अब ग्रामीण खुद कानून हाथ में लेकर अपराधियों को पकड़ने के लिए विवश हैं। फिलहाल गिरफ्त में आए दोनों अपराधी और प्रीत राम पुकार महतो का इलाज स्थानीय पीएचसी में चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है।