फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   'Mrs Bahubalis' in Bihar are trying to restore their husbands' clout through victory at the polls

बाहुबलियों की 'इज्जत' बचाने चुनाव लड़ रहीं ये पत्नियां!

Sat, 22 Mar 2014 06:13 PM IST
Updated Sat, 22 Mar 2014 06:13 PM IST
विज्ञापन
'Mrs Bahubalis' in Bihar are trying to restore their husbands' clout through victory at the polls

ये किस्सा है उन पत्नियों का जो इस लोकसभा चुनाव में अपने पतियों की साख बचाने के लिए चुनावी दंगल में उतर रही हैं।

विज्ञापन


नाम हैं हीना शहाब और वीना देवी। ये दोनों ही प्रत्याशी भले ही अलग-अलग दलों की हैं लेकिन इन दोनों के मकसद एक ही हैं।

राष्ट्रीय जनता दल की हीना बिहार के सीवान से लोकसभा चुनाव की प्रत्याशी हैं। ये वो लोकसभा क्षेत्र है जहां उनके बाहुबलि पति सांसद थे। और सालों तक अपना रौब जमाए हुए थे। और उनकी यह धौंस तब तक कायम थी जब उन्हें एक हत्या के मामले में जेल नहीं हो गई।

सीवान के पूर्व सांसद चुनावों के गर्मागर्मी वाले इस मौसम में सलाखों के पीछे ठंडी हवा खा रहे हैं। उन्हें 1999 में हुए छोटा लाल गुप्ता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हुई है।

विज्ञापन

पति जेल मे, पत्नी आजमा रही किस्मत

'Mrs Bahubalis' in Bihar are trying to restore their husbands' clout through victory at the polls

वीना देवी का मामला भी कोई खास अलग नहीं है। वीना देवी के पति सुरभजन सिंह भी 1992 में बेगुसराए में हुए रामी सिंह हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पूरी कर रहे हैं।

हालांकि वे इन दिनों जमानत पर रिहा हैं लेकिन फिर भी क्योंकि वे चुनाव नहीं लड़ सकते हैं इसलिए उनकी पत्नी इन लोकसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं।

फिलहाल वे लोकजनशक्ति पार्टी की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं।

नहीं हैं मजबूत प्रत्याशी

'Mrs Bahubalis' in Bihar are trying to restore their husbands' clout through victory at the polls

हीना और वीना दोनों को ही इस चुनाव में कोई खास मजबूत दावेदार नहीं माना जा रहा है। 2009 के आम चुनावों में भी दोनों को मुंह की खानी पड़ी थी।

लेकिन हिम्मत बटोर कर और अपने बाहुबलि पतियों की साख की खातिर अपनी बची-खुची ताकत बटोर कर दोनों पत्नियां एक बार फिर चुनावी जंग में कूद पड़ी हैं।

हालांकि दोनों के ही पति शहाबुद्दीन और सुरबजन ने उनके वक्त में साम-दाम-दंड भेद के दम पर अपनी-अपनी लोकसभा सीटें जीत ली थीं। लेकिन इस बार आम चुनाव में उनकी असली परीक्षा है।

विज्ञापन

एक और हत्याकांड का मामला

'Mrs Bahubalis' in Bihar are trying to restore their husbands' clout through victory at the polls

एक और मामला उठा कर देखा जाए तो बिहार की शिवहर सीट पर बाहुबलि आनंद मोहन की नाक बचाने उनकी पत्नी इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं।

पूर्व सांसद आनंद मोहन को 1994 के गोपालगंज हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा हुई है। उनकी पत्नी ने पति का सिक्का चलाने की कोशिश करते हुए विधानसभा चुनाव भी लड़े थे लेकिन उन्हें बुरी हार झेलनी पड़ी थी।

क्या कहा जाए, शायद पत्नी धर्म ही रहा होगा और मोहन आनंद की पत्नी लवली आनंद अपना पूरा जोर लगाते हुए इस बार लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं।

दांव-पेच-ताकत तो सब अपनी-अपनी तरफ से अपना ही रहे हैं लेकिन देखना ये होगा कि बाहुबलियों की पत्नियां इस बार उनकी इज्जत बचा पाएंगी या उनकी बची-खुची साख भी इस दफे मिट्टी-पलीद हो जानी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed