मीसा के बहाने केंद्र में मजबूत दखल की तैयारी में लालू यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने अंतिम समय में अपनी रणनीति बदलते हुए पत्नी राबड़ी देवी के बजाय बेटी मीसा भारती को राज्यसभा भेजने की तैयारी कर ली है। सोमवार को मीसा भारती ने वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी के साथ राज्यसभा के लिए पर्चा भी दाखिल कर दिया। वहीं जदयू से शरद यादव और आरसीपी सिंह ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया।
राजनीति में लालू अपनी शातिर चालों और तेज दिमाग के लिए जाने जाते हैं, राज्य के विधानसभा चुनावों में महागठबंधन के साथ सत्ता में वापसी करने वाले लालू ने पहले दोनों बेटों को मंत्रीमंडल में महत्वपूर्ण पद दिलवाया तो अब बेटी के लिए भी बेहतर लॉचिंग की तैयारी कर ली है।
चारा घोटाले में कोर्ट से सजा पाने के बाद लालू खुद तो कोई चुनाव नहीं लड़ सकते लेकिन बेटी मीसा भारती और बेटों के सहारे उन्होंने राज्य और केंद्र की राजनीति में अपनी दखल बनाए रखने का इंतजाम जरूर कर लिया है। राज्यसभा के लिए उन्होंने जिन दो उम्मीदवारों को चुना है उससे इसका अंदाजा भी लग सकता है। राज्य में लालू ने अपनी विरासत बेटों को सौंपी तो केन्द्र के लिए उन्होंने बेटी मीसा भारती को चुना है।
बेटी को केंद्र की राजनीति में स्थापित करना चाहते हैं लालू
मीसा को उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़वाया था लेकिन मोदी लहर में वह लालू के 'हनुमान' रहे रामकृपाल यादव से हार गई थीं। इसके बाद विधानसभा चुनावों में भी चर्चा चली थी कि उन्हें मैदान में उतारा जा सकता है लेकिन यहां लालू ने बेटों को तवज्जो दी।
इसके बाद से ही संभावना जताई जा रही थी कि लालू बेटी मीसा भारती को केंद्र की राजनीति में ले जाने के इच्छुक हैं। सोमवार को इस पर मुहर भी लग गई जब लालू ने रामजेठमलानी के साथ बेटी मीसा का भी राज्यसभा के लिए नामांकन कराया।
पेशे से डॉक्टर मीसा अच्छी वक्ता मानी जाती हैं और कई मुद्दों पर प्रखर तरीके से पार्टी का बचाव भी कर चुकी हैं ऐसे में राज्यसभा में पार्टी के लिए वह मजबूत भूमिका अदा कर सकती हैं।
मीसा को राजनीति में स्थापित करने के लिए लालू किस कदर गंभीर दिखते हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार को जब वह राज्यसभा के लिए नामांकन करने गई तो उनके साथ लालू यादव, मां राबड़ी देवी, दोनों भाई तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों दलों के तमाम नेता मौजूद रहे।