Bihar : महापंचायत में सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम, भाई ने मंच से छोड़ी बिहार पुलिस की नौकरी; खुद करेंगे इंसाफ
Bihar : भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में आज महापंचायत से पहले भाई ने ऐलान करते हुए बिहार पुलिस की नौकरी को तिलांजलि दे दी। साथ ही 7 दिनों का अल्टीमेटम भी दिया। कहा कि अगर 7 सात दिनों के अंदर न्याय नहीं मिला तो सरकार लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हो जाए।
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भोजपुर के बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में जनाक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। बाबा कुंडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित सर्व समाज की महापंचायत में मृतक के चचेरे भाई ने बिहार सरकार और प्रशासन को खुले तौर पर एक सप्ताह यानी 7 दिन का कड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। इस दौरान मंच से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला ऐलान करते हुए मृतक के भाई ने बताया कि वे खुद बिहार पुलिस में पदस्थापित हैं, लेकिन अपने भाई की हत्या और सिस्टम की नाकामी के विरोध में वे आज से अपनी पुलिस की नौकरी छोड़ रहे हैं।
7 दिन में मिले सजा, वरना खुद करेंगे इंसाफ
महापंचायत को संबोधित करते हुए भरत तिवारी के चचेरे भाई ने शासन-प्रशासन को सीधी और दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज सरकार को कार्रवाई करने के लिए केवल एक सप्ताह का समय दे रहा हूं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर 7 दिन के भीतर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें सजा नहीं मिली, तो वे न्याय की भीख मांगना छोड़ देंगे और खुद इंसाफ करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने खुद पुलिस विभाग का हिस्सा होने के बावजूद उन्होंने पुलिस की एनकाउंटर थ्योरी को सिरे से खारिज किया और कहा कि एक रक्षक ही जब भक्षक बन जाए, तो उस तंत्र पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।
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भरी सभा में नौकरी छोड़ने का ऐलान, प्रशासन में हड़कंप
मंच से जब मृतक के भाई ने यह कहा कि मैं खुद बिहार पुलिस का हिस्सा हूं, लेकिन जहां मेरे भाई को ही न्याय नहीं मिल रहा, वहां मैं इस वर्दी में नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि मैं आज ही अपनी नौकरी छोड़ रहा हूं। यह सुनते ही महापंचायत में मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने जोरदार नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
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मुख्यालय तक मची खलबली
एक सेवारत पुलिसकर्मी द्वारा अपने ही विभाग के खिलाफ इस तरह का विद्रोह और इस्तीफा देने की घोषणा ने पटना पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार की नींद उड़ा दी है। इस खुले अल्टीमेटम के बाद भोजपुर जिला प्रशासन और खुफिया विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है, क्योंकि 7 दिन बाद इस आंदोलन के बेहद उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।
महापंचायत में शामिल हुए प्रशांत किशोर, कहा- इन्हें नौकरी या मुआवजा नहीं, सिर्फ न्याय चाहिए
जन-सुराज' के सूत्रधार प्रशांत किशोर पीड़ित सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के घर पर पहुंचे। वहां उन्होंने मृतक के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढाढस बंधाया। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार और पुलिस तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पैसे-नौकरी नहीं, हत्या की साजिश रचने वालों को मिले सजा
प्रशांत किशोर ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांग बिल्कुल साफ और स्पष्ट है। उन्हें सरकार से न तो कोई पैसा चाहिए, न कोई मुआवजा और न ही किसी तरह की सरकारी नौकरी। उन्होंने कहा कि परिवार सिर्फ और सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है। न्याय का मतलब यह है कि जिन पुलिसकर्मियों ने भरत पर गोलियां चलाईं और जिन बड़े चेहरों ने इस पूरी हत्या की साजिश रची, उन सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मां के आंसुओं ने खड़े किए सवाल, पीके ने दिया साथ का भरोसा
प्रशांत किशोर ने भावुक होते हुए कहा कि मृतक की मां का भी यही मानना है कि उनके बेटे की जान सोची-समझी रणनीति के तहत ली गई है। पीके ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि न्याय की इस लड़ाई में जन-सुराज पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ा है और जब तक दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक इस आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।