Bihar Election 2020: एनडीए में रार जारी, एलजेपी ने कहा- चिराग हमारी पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार
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बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरो-शोरों पर हैं। एनडीए की तरफ से सीएम उम्मीदवार के तौर पर नीतीश कुमार हैं तो महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। वहीं, एलजेपी ने कहा है कि पार्टी प्रमुख चिराग पासवान हमारी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव शाहनवाज अहमद कैफी ने कहा है कि पार्टी प्रमुख चिराग पासवान निश्चित रूप से हमारी पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
Chirag Paswan is definitely the CM candidate of our party, there is no doubt about it: Shahnawaz Ahmad Kaifi, Lok Janshakti Party (LJP) national general secretary. #BiharElections pic.twitter.com/dpQRQOwEHV
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 29, 2020
गौरतलब है कि जेडीयू और भाजपा बिहार में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर रहे हैं। बताया गया है कि एनडीए के दो सबसे बड़े दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा अपने अंतिम दौर में हैं। दोनों ही पार्टियां कल यानी कि 30 सितंबर को सीटों का एलान कर सकती हैं। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पार्टियां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी देंगी।
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वहीं, सूत्रों ने बताया है कि एनडीए के तीसरे बडे़ दल यानी कि चिराग पासवान के नेतृत्व वाली पार्टी एलजेपी की बात अभी तक नहीं बन पाई है। कल भाजपा और जेडीयू सीटों का एलान करने वाले हैं। ऐसे में एलजेपी द्वारा अंतिम निर्णय लेने के लिए आज का समय मांगा गया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि एलजेपी के एनडीए से अलग होने की संभावना नहीं है।
एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा था कि वह 143 सीटों पर भाजपा के साथ हैं, लेकिन उन्होंने जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई थी। ऐसे में लग रहा था कि वह एनडीए से अलग होना चाहते हैं। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा चिराग को समझाया गया कि इस माहौल में अकेले चुनाव लड़ना ठीक नहीं है, इसलिए गठबंधन में बना रहा जाए।
जानकारी मिली है कि भाजपा ने एलजेपी को 27 विधानसभा सीटों और दो एमएलसी सीटों का ऑफर दिया है। इन सीटों की सूची भी पार्टी को सौंप दी गई है। ऐसे में अब गेंद एलजेपी के पाले में है और उसकी केंद्रीय चुनाव समिति को इस पर निर्णय लेना है।