कौन होगा विधायक दल का नेता, लालू करेंगे फैसला
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बिहार विधानसभा चुनाव में 80 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी राजद का विधानमंडल में नेता कौन होगा, इसको लेकर अभी संशय बरकरार है।
फिलहाल पार्टी ने महागठबंधन का सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार को मानते हुए उनका नेतृत्व स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार को राजधानी में हुई विधायक दल की बैठक में लालू प्रसाद को राजद विधानमंडल दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत कर दिया गया है और वह एक दो दिनों में इसकी घोषणा करेंगे।
बैठक के बाद लालू प्रसाद यादव ने कहा कि बैठक में नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता चुना गया है। इसके लिए विधानमंडल दल ने प्रस्ताव पारित किया।
वहीं, दूसरी ओर राजद विधानमंडल दल का नेता चुनने के लिए लालू प्रसाद को अधिकृत किया गया है। हालांकि लालू ने यह नहीं बताया कि वह नाम का एलान कब करेंगे।बैठक में महागठबंधन के काम के एजेंडे पर भी चर्चा हुई।
नीतीश चुने जाएंगे महागठबंधन के नेता
इससे पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि वह गरीबों, सवर्णों और सभी वर्ग के लोगों को नमन करते हैं। लालू ने कहा, ‘बिहार की जनता ने भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया। राज्य में भाजपा की इस हार के दूरगामी परिणाम होंगे। जीत का असर पूरे देश में पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि शनिवार को राबड़ी देवी के निवास पर सभी 80 जीते हुए विधायकों की बैठक होगी और वहां से महागठबंधन की बैठक के लिए रवाना होंगे। शनिवार को कई बड़े फैसले लिए जाएंगे।
जदयू और कांग्रेस के विधायक दल की बैठक शनिवार को होगी। इसके बाद विधान परिषद के सभागार में महागठबंधन के सभी दलों के विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें नीतीश कुमार को नेता चुना जाएगा।
जदयू विधायक दल की बैठक सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर होगी। इसमें जदयू के सभी 71 विधायक शामिल होंगे।
लालू कर सकते हैं तेजस्वी का चयन
राजद के अंदर से मिल रही जानकारी के मुताबिक लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को राजद विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। पार्टी के अधिकतर विधायकों ने तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता बनाने की पेशकश की है। लेकिन, लालू प्रसाद के लिए यह फैसला इतना आसान भी नहीं है।
चुनाव में मिली बड़ी कामयाबी और बदली हुई परिस्थिति को देखते हुए लालू कोई भी कदम सोच-विचार कर रखना चाहते हैं। वैसे पारिवारिक दबाव भी उन पर काफी है।
जानकारों की मानें तो लालू कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और अगले 24 घंटों में उनमें से किसी एक पर मुहर लग सकती है। सूत्रों की मानें तो तेजस्वी की ताजपोशी का रास्ता साफ करने के लिए 15वीं विधानसभा में राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी को विधानसभा का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
एक फार्मूला यह भी सुनने को मिल रहा है कि विधायक दल का नेता और उपमुख्यमंत्री दोनों पदों पर अलग-अलग नेता का चयन हो सकता है। इसके तहत सिद्दीकी विधायक दल का नेता बने रहेंगे और उपमुख्यमंत्री के पद पर तेजस्वी को बिठाया जा सकता है।