फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Lalu furious over RSS's statement will not allow the Constitution to be tampered with

Bihar News: आरएसएस के बयान पर बिफरे लालू प्रसाद यादव, बोले- संविधान से छेड़छाड़ नहीं होने देंगे

Fri, 27 Jun 2025 05:03 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Fri, 27 Jun 2025 05:03 PM IST
सार

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले पर तीखा हमला बोला है। होसबोले ने संविधान की प्रस्तावना से 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्दों को हटाने की वकालत की थी।
 

विज्ञापन
Lalu furious over RSS's statement will not allow the Constitution to be tampered with
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘समाजवादी’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्दों को संविधान की प्रस्तावना से हटाने की होसबोले की मांग को देश के लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर सीधा हमला बताया।
विज्ञापन


लालू यादव ने सोशल मीडिया मंच 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नाराज़गी जताते हुए आरएसएस को "देश का सबसे जातिवादी और नफरत फैलाने वाला संगठन" करार दिया। उन्होंने लिखा, "देश के सबसे जातिवादी और घृणा फैलाने वाले संगठन RSS ने संविधान को बदलने की मांग की है।" आरएसएस के वरिष्ठ नेता होसबोले ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि प्रस्तावना में 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्दों को आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने जोड़ा था और इन्हें हटाने पर विचार किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें:  मुंगेर में पानी के तेज बहाव में बह गया डायवर्सन, आवागमन ठप; कई स्कूली बच्चे फंसे
विज्ञापन
विज्ञापन


लालू यादव ने पलटवार करते हुए कहा, "इन लोगों में इतनी हिम्मत नहीं कि संविधान और उसमें दिए गए आरक्षण पर बुरी नजर डाल सकें। जिनका चरित्र अन्यायपूर्ण होता है, वे ही लोकतंत्र और बाबा साहब अंबेडकर के संविधान से इतनी नफरत करते हैं।" गौरतलब है कि दत्तात्रेय होसबोले ने कांग्रेस की आपातकालीन कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा था कि उस समय संसद नहीं चल रही थी, न्यायपालिका निष्क्रिय थी और उसी दौरान प्रस्तावना में ये दोनों शब्द जोड़े गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed