Bihar News: चोरी-छिपे मस्जिद का निर्माण करा रहा था NHAI का कॉन्ट्रैक्टर, ग्रामीणों ने काटा बवाल; जानें मामला
Supaul News: ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मुस्लिम समुदाय की बड़ी तादाद है। पुरानी मस्जिद का अहाता भी जुम्मे की नमाज के लिए छोटा पड़ जाता था। रमजान के महीने भी मुश्किल होती थी। अब और छोटी मस्जिद के निर्माण से लोगों की परेशानी और भी अधिक बढ़ जाएगी।
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सुपौल के सदर प्रखंड के बलहा पंचायत के नुनुपट्टी गांव में ग्रामीणों ने एनएचएआई के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार के हस्तक्षेप के बाद हंगामा शांत हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई का संवेदक रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से पुराने स्थल पर ही मस्जिद का निर्माण करवा रहा था। जबकि मस्जिद की अधिकांश जमीन एनएच में चली गई है। यहां तीन कट्ठा जमीन में मस्जिद निर्मित थी, जो आबादी के हिसाब से पहले से ही छोटी पड़ रही थी। एनएच निर्माण के बाद यहां महज 14 धुर जमीन बची है, जहां मस्जिद निर्माण से कोई लाभ नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि पास में ही मस्जिद निर्माण के लिए सात कट्ठा जमीन दान में दी गई है। इसके बावजूद संवेदक ने कुछ लोगों को प्रलोभन देकर चुपचाप रात के अंधेरे में पुराने स्थल पर ही जेसीबी से नींव की खुदाई शुरू करवा दी। ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो भीड़ जुट गई और कार्य रोक दिया गया। इस बीच सूचना पर सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इबादत की जगह कभी किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हो सकती है, वह पूरे समुदाय की संपत्ति है। उन्होंने ग्रामीणों को सभी की सहमति से मस्जिद निर्माण का भरोसा दिलाया।
जुम्मे की नमाज के लिए छोटा पड़ जाता था मस्जिद का अहाता
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मुस्लिम समुदाय की बड़ी तादाद है। पुराने मस्जिद का अहाता भी जुम्मे की नमाज के लिए छोटा पड़ जाता था। वहीं, रमजान के महीने भी मुश्किल होती थी। अब और छोटी मस्जिद के निर्माण से लोगों की परेशानी और भी अधिक बढ़ जाएगी। वहीं, दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी। ग्रामीणों ने तमाम समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही मस्जिद का निर्माण कराने की मांग की।
डीसीएलआर को सौंपी गई समन्वय की जिम्मेवारी
स्थानीय मो. दीप, मो. अलाउद्दीन, मो. जुबेर, मो. खुर्शीद, शमीम, मो. अजहर, मो. गब्बर, मो. रिजाउल और मो. राजा आदि ने बताया कि जगह कम रहने के कारण मस्जिद के सामने पार्किंग का कोई विकल्प नहीं है। जबकि मस्जिद का गेट हाईवे का चौराहा हो जाएगा, जिससे भविष्य में गंभीर समस्या उत्पन्न होगी। बहरहाल, सदर एसडीएम ने डीसीएलआर अली अकरम को ग्रामीणों से समन्वय स्थापित करते हुए मस्जिद निर्माण के निर्देश दिए।
नई जगह पर बने मस्जिद तो दूर होंगी ये समस्याएं
स्थानीय मो. सलीम, मो. हारून रसीद, मो. सगीर, मो. फखरुद्दीन, मो. अयूब, मो. कमाल, मो. मशिर, मो. जब्बार, मो. नौशे आलम, मो. मेराज और राजा मुराद आदि ने डीसीएलआर को बताया कि भविष्य की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने बस्ती पर करीब सात कट्ठा जमीन मस्जिद निर्माण के लिए चिह्नित किया है। यहां मस्जिद निर्माण होने से पार्किंग सहित अन्य सभी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। पर्याप्त जगह की उपलब्धता से भव्य निर्माण संभव होगा और भविष्य में एनएच के विस्तार होने से भी कोई समस्या नहीं होगी। वहीं, बस्ती के बीच मस्जिद होने से स्थानीय नमाजियों को सुविधा होगी।
बहरहाल, ग्रामीणों की मांग को सुनने के बाद डीसीएलआर ने संवेदक को तत्काल बिना ग्रामीणों की सहमति के मस्जिद निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए। हालांकि इस दौरान संवेदक ने बताया कि ग्रामीणों की आपत्ति के बाद दो दिन पूर्व ही काम बंद करवा दिया गया है। बीती रात गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा प्राइवेट जेसीबी लगा कर ग्रामीणों को उकसाने के उद्देश्य से पुराने स्थल पर मिट्टी खुदवाई गई है।