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बिहार: सहरसा में पत्रकार से मारपीट के बाद बवाल, कैंडल मार्च में उठा बड़ा सवाल- आखिर कार्रवाई में देरी क्यों?

Wed, 16 Sep 2026 03:24 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा Published by: कोसी ब्यूरो Updated Wed, 16 Sep 2026 03:24 PM IST
सार

सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ कथित मारपीट के विरोध में जिले के पत्रकारों ने मंगलवार शाम कैंडल मार्च निकाला। जिला परिषद से शुरू हुआ मार्च वीर कुंवर सिंह चौक पहुंचा, जहां नुक्कड़ सभा कर दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की गई। पत्रकारों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

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Bihar Protest erupts in Saharsa over attack on journalist Candle march demands swift action
कैंडल मार्च निकालते हुए पत्रकार - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बिहार के सहरसा स्थित सदर अस्पताल में 12 सितंबर को न्यूज कवरेज के दौरान एक डिजिटल मीडिया के पत्रकार के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल छात्रों द्वारा की गई बर्बर मारपीट के खिलाफ पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा है। पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिले भर के मीडियाकर्मियों ने मंगलवार शाम एकजुट होकर शहर में विशाल कैंडल मार्च निकाला और जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई वरिष्ठ पत्रकार नवीन निशांत ने की। मार्च में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए।
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जिला परिषद से वीर कुंवर सिंह चौक तक निकाला मार्च
हाथों में मोमबत्तियां और बैनर थामे पत्रकारों का कैंडल मार्च जिला परिषद प्रांगण से शुरू हुआ। इसके बाद डीबी रोड और थाना चौक होते हुए यह मार्च वीर कुंवर सिंह चौक पहुंचा, जहां यह नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान पत्रकारों ने ‘पत्रकारों पर हमला क्यों, जवाब दो-जवाब दो’ के गगनभेदी नारे लगाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इंटरनेट मीडिया पर भी इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां आम नागरिक और बुद्धिजीवी भी पत्रकारों के समर्थन में उतर आए हैं।
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साक्ष्य मौजूद होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण
प्रदर्शन के दौरान प्रभात खबर सहरसा के ब्यूरो प्रमुख दीपांकर श्रीवास्तव ने प्रशासन के लचर रवैये पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पत्रकार साथी के साथ हुई अमानवीय मारपीट और बदसलूकी के सभी पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर दोषियों पर अविलंब सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पत्रकार समाज शांत नहीं बैठेगा और आगे इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं, पत्रकार अमन कुमार ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “सदर अस्पताल में डॉक्टरों और छात्रों ने जिस बर्बरता के साथ हमारे साथी पर हमला किया, वह निंदनीय है। घटना के दो-तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस-प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। हमारी मांग है कि इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम उग्र आंदोलन और अनशन करने को बाध्य होंगे।”
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प्रशासन को अल्टीमेटम, पत्रकार सुरक्षा कानून की उठी मांग
वीर कुंवर सिंह चौक पर आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा के माध्यम से जिला प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया गया कि यदि सबूतों के आधार पर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन की धार और तेज होगी। इसके साथ ही जिले में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।
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