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उफान पर कोसी नदी: भीमनगर बराज से 2.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, 38 फाटक खुले; 3.30 लाख तक पहुंचने का अनुमान
Sat, 26 Sep 2026 09:23 AM IST
कोसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोसी
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 09:23 AM IST
सार
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते कोसी नदी का जलप्रवाह तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार रात भीमनगर बराज से 2.88 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ, जबकि बराह क्षेत्र से 2.48 लाख क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया।
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बराज से डिस्चार्ज बढ़ने के बाद उफनाई कोसी नदी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर कोसी नदी के जलप्रवाह पर दिखने लगा है। शुक्रवार रात नौ बजे भीमनगर बराज से इस साल कोसी नदी का अब तक का सर्वाधिक 2,87,890 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए बराज के 56 में से 38 फाटक खोल दिए गए हैं। इधर, नेपाल प्रभाग स्थित बराह क्षेत्र से रात नौ बजे 2,47,950 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज रिकॉर्ड हुआ, जो इस साल का सर्वाधिक है।
बढ़ते जलप्रवाह से कोसी के दोनों तटबंधों के बीच रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, जल संसाधन विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी तटबंध समेत सभी स्पर और सुरक्षात्मक संरचनाओं को सुरक्षित बताया है। प्रशासन के अनुसार, बराज से पानी का डिस्चार्ज 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने का अनुमान है।
गुरुवार की रात से ही हो रही लगातार वृद्धि
कोसी बराज नियंत्रण कक्ष के अनुसार, गुरुवार रात से नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई। शुक्रवार सुबह छह बजे बराज पर 1,85,130 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इसके बाद दोपहर दो बजे डिस्चार्ज बढ़कर 2,20,555 क्यूसेक हो गया। शाम पांच बजे यह बढ़कर 2,65,795 क्यूसेक पहुंच गया, जो उस समय तक इस साल का सर्वाधिक डिस्चार्ज था। इसी अवधि में नेपाल के बराह क्षेत्र में भी डिस्चार्ज बढ़कर 2,26,100 क्यूसेक हो गया। इसके बाद भी दोनों स्थानों पर लगातार डिस्चार्ज में वृद्धि रिकॉर्ड की गई। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए कोसी बराज पर एक लालबत्ती भी जलाई गई।
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डीएम ने लिया बराज और तटबंध का जायजा
शुक्रवार को डीएम सावन कुमार ने कोसी बराज और तटबंधों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने नेपाल और भारतीय अधिकारियों व अभियंताओं के साथ बराज पर बैठक की। बैठक में सुपौल एसपी शरथ आरएस, जल संसाधन विभाग के अभियंता तथा नेपाल एपीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने बताया कि पटना स्थित मैथमैटिकल मॉडलिंग सेंटर के 24 घंटे के पूर्वानुमान के अनुसार जलप्रवाह अधिकतम करीब 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। डीएम ने कहा कि फिलहाल तटबंधों पर कहीं दबाव नहीं है और स्थिति सामान्य है। शाम तक पानी के ट्रेंड की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि जलप्रवाह 3.10 से 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की स्थिति बनती है तो स्थानीय स्तर पर अलर्ट जारी किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने की एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।
ये भी पढ़ें- बिहार: नेपाल राजघराने से जुड़ा गयाजी के ‘लाल मोहरिया पंडों’ का इतिहास, जानें जम्होर के राजपुरोहितों की कहानी
24 घंटे निगरानी, राहत की तैयारी
सभी संवेदनशील बिंदुओं पर अभियंताओं की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थलों पर सैंडबैग, जेसीबी और पोकलेन समेत आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर और कम्युनिटी किचन शुरू करने की तैयारी भी की गई है।
नेपाल में भारी बारिश के कारण बढ़ा जलस्तर
मुख्य अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निःसरण संजीव शैलेस ने बताया कि जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा है, लेकिन सभी तटबंध और स्पर सुरक्षित हैं। टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। आवश्यकता के अनुसार अभियंताओं को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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बढ़ते जलप्रवाह से कोसी के दोनों तटबंधों के बीच रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, जल संसाधन विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी तटबंध समेत सभी स्पर और सुरक्षात्मक संरचनाओं को सुरक्षित बताया है। प्रशासन के अनुसार, बराज से पानी का डिस्चार्ज 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने का अनुमान है।
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गुरुवार की रात से ही हो रही लगातार वृद्धि
कोसी बराज नियंत्रण कक्ष के अनुसार, गुरुवार रात से नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई। शुक्रवार सुबह छह बजे बराज पर 1,85,130 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इसके बाद दोपहर दो बजे डिस्चार्ज बढ़कर 2,20,555 क्यूसेक हो गया। शाम पांच बजे यह बढ़कर 2,65,795 क्यूसेक पहुंच गया, जो उस समय तक इस साल का सर्वाधिक डिस्चार्ज था। इसी अवधि में नेपाल के बराह क्षेत्र में भी डिस्चार्ज बढ़कर 2,26,100 क्यूसेक हो गया। इसके बाद भी दोनों स्थानों पर लगातार डिस्चार्ज में वृद्धि रिकॉर्ड की गई। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए कोसी बराज पर एक लालबत्ती भी जलाई गई।
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डीएम ने लिया बराज और तटबंध का जायजा
शुक्रवार को डीएम सावन कुमार ने कोसी बराज और तटबंधों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने नेपाल और भारतीय अधिकारियों व अभियंताओं के साथ बराज पर बैठक की। बैठक में सुपौल एसपी शरथ आरएस, जल संसाधन विभाग के अभियंता तथा नेपाल एपीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने बताया कि पटना स्थित मैथमैटिकल मॉडलिंग सेंटर के 24 घंटे के पूर्वानुमान के अनुसार जलप्रवाह अधिकतम करीब 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। डीएम ने कहा कि फिलहाल तटबंधों पर कहीं दबाव नहीं है और स्थिति सामान्य है। शाम तक पानी के ट्रेंड की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि जलप्रवाह 3.10 से 3.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की स्थिति बनती है तो स्थानीय स्तर पर अलर्ट जारी किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने की एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।
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24 घंटे निगरानी, राहत की तैयारी
सभी संवेदनशील बिंदुओं पर अभियंताओं की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थलों पर सैंडबैग, जेसीबी और पोकलेन समेत आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर और कम्युनिटी किचन शुरू करने की तैयारी भी की गई है।
नेपाल में भारी बारिश के कारण बढ़ा जलस्तर
मुख्य अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निःसरण संजीव शैलेस ने बताया कि जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा है, लेकिन सभी तटबंध और स्पर सुरक्षित हैं। टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। आवश्यकता के अनुसार अभियंताओं को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।