Bihar News अवैध संबंध में पति की हत्या मामले में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद, 10-10 हजार का जुर्माना भी लगा
Bihar: चित्ती गांव स्थित बेरवा नहर के पास ग्रामीणों ने एक शव देखा। परिजन पहुंचे तो पहचान हुई कि वह मृतक पति का है। उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
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मधेपुरा जिला न्यायालय ने मंगलवार को 12 वर्ष पुराने हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। गम्हरिया प्रखंड के दमहा निवासी युवक की हत्या के मामले में उसकी पत्नी और प्रेमी को दोषी करार देते हुए एडीजे-8 के न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
2012 में हुई थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नूर आलम ने बताया कि घटना 24 अप्रैल 2012 की है। मृतक के भाई ने घैलाढ़ ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज मामले के अनुसार घटना वाले दिन मृतक का साढ़ू उसके घर आया और कहा कि पत्नी को मायके से विदा करा लीजिए। इस पर मृतक अपने साढ़ू के साथ चला गया।
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नहर किनारे मिला शव
अगली सुबह चित्ती गांव स्थित बेरवा नहर के पास ग्रामीणों ने एक शव देखा। परिजन पहुंचे तो पहचान हुई कि वह मृतक पति का है। उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। प्राथमिकी में मृतक के भाई ने आरोप लगाया था कि मृतक की पत्नी का अवैध संबंध था। इसी वजह से उसकी बीवी अक्सर मायके में रहती थी और ससुराल आने से कतराती थी।
साजिश रचकर की गई हत्या
परिजनों का आरोप था कि अवैध संबंधों के कारण दोनों ने मिलकर पीड़ित पति की हत्या की साजिश रची और तेज धारदार हथियार से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। लंबे समय तक चली सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने आरोपी पत्नी और प्रेमी को दोषी पाया। न्यायाधीश राजेश कुमार ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित कर दिया है।