Bihar: बिहार में माई-बहिन मान योजना और पेपर लीक का मुद्दा उठाया तेजस्वी ने, कहा- नीतीश सरकार सबसे खर्चीली
Madhepura News: तेजस्वी यादव ने कहा कि जब से राजद ने एनडीए सरकार से अलग होकर विपक्ष की भूमिका निभाई है, बिहार में एक भी परीक्षा बिना पेपर लीक के आयोजित नहीं हुई है। मैट्रिक से बीपीएससी तक के प्रश्न पत्र लगातार लीक हो रहे हैं। अफसरशाही बेलगाम है।
विस्तार
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को मधेपुरा सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राज्य में परीक्षा पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों को उठाते हुए सरकार की विफलताओं पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने सत्ता में आने पर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय से जुड़े कई बड़े वादे किए।
महिलाओं के लिए ‘माई-बहिन मान योजना’
तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो ‘माई-बहिन मान योजना’ लागू की जाएगी। इस योजना के तहत हर महिला को 2500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। राज्य के सभी नागरिकों को 200 यूनिट बिजली मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को वर्तमान 400 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम बिहार की हर महिला को सक्षम बनाना चाहते हैं। हमारा मकसद केवल आर्थिक न्याय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित करना है।
पेपर लीक और अफसरशाही पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब से राजद ने एनडीए सरकार से अलग होकर विपक्ष की भूमिका निभाई है, बिहार में एक भी परीक्षा बिना पेपर लीक के आयोजित नहीं हुई है। मैट्रिक से बीपीएससी तक के प्रश्न पत्र लगातार लीक हो रहे हैं। उद्घाटन से पहले पुल गिरने की घटनाएं हो रही हैं। अफसरशाही बेलगाम है और सरकार इसे रोकने में असफल रही है। उन्होंने सरकार पर नौजवानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नौजवानों पर लाठियां बरसाती है और मूक दर्शक बनी रहती है।
नीतीश सरकार को बताया 'खर्चीली सरकार'
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपनी यात्राओं पर दो अरब 25 करोड़ 78 लाख रुपये खर्च करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह पैसा जनता की गाढ़ी कमाई का है, लेकिन बिहार में अधिकारियों को यात्रा के नाम पर लूट की खुली छूट दी जा रही है। नीतीश कुमार देश के सबसे खर्चीले मुख्यमंत्री हैं।
विशेष राज्य के दर्जे पर सवाल
तेजस्वी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नीतीश पहले इस मांग का समर्थन करते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार के साथ होने के बावजूद चुप हैं। अगर अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता, तो कब मिलेगा? उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय एनडीए इस मुद्दे को उठाती है, लेकिन सत्ता में आते ही इसे दरकिनार कर देती है।
कार्यकर्ता संवाद यात्रा के उद्देश्य पर यह बोले
तेजस्वी ने कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी के विचारधारा को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि बिहार में गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और पलायन सबसे बड़ी समस्याएं हैं। हमारी सरकार ने 17 महीने के कार्यकाल में इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया था। आशा, ममता और टोला सेवकों का मानदेय दोगुना किया गया, जो सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में एक कदम था।
महंगाई और बेरोजगारी पर हमला
तेजस्वी ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार इन समस्याओं पर बात तक नहीं करती। उन्होंने महंगाई से जूझ रही जनता के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी यात्रा का अगला पड़ाव सीमांचल होगा। जहां 18 दिसंबर को संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि यह यात्रा बिहार में राजद की विचारधारा को और मजबूत करने में मदद करेगी।