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Bihar: 'स्टाइपेंड बढ़ाने की गूंज', मधेपुरा मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का विरोध, ओपीडी ठप करने की चेतावनी

Sat, 23 Aug 2025 05:27 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजला, मधेपुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजला, मधेपुरा Published by: कोसी ब्यूरो Updated Sat, 23 Aug 2025 05:27 PM IST
सार

मधेपुरा स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JNKT) के इंटर्न डॉक्टरों ने शनिवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इंटर्न डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी की और राज्य सरकार के खिलाफ तख्तियां लेकर नाराजगी जताई।
 

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Bihar News: medical college intern doctors protest demand hike stipend madhepura jnkt healt department bihar
धेपुरा मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का विरोध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JNKT), मधेपुरा के इंटर्न डॉक्टरों ने शनिवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी की और हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

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इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें वर्तमान में दिए जा रहे 20 हजार रुपये की जगह 40 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाए। उनका कहना है कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे ओपीडी सेवाओं को बाधित करेंगे। चेतावनी दी गई है कि आंदोलन तेज होने पर इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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डॉक्टरों का तर्क है कि मौजूदा स्टाइपेंड महंगाई के लिहाज से बेहद कम है। 20 हजार रुपये प्रतिमाह यानी लगभग 650 रुपये प्रतिदिन मिलता है, जो एक दिहाड़ी मजदूर की कमाई के बराबर भी नहीं है, जबकि इंटर्न डॉक्टर 24 घंटे मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। करीब दो दर्जन इंटर्न डॉक्टर इस विरोध में शामिल हुए। उनके समर्थन में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. कुंदन सुमन भी आगे आए। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टर न सिर्फ कम स्टाइपेंड पर काम कर रहे हैं, बल्कि उनके हॉस्टल में पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
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डॉ. सुमन ने बताया कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य संकल्प के तहत हर तीन साल पर पीजी स्टूडेंट्स और इंटर्न डॉक्टरों दोनों का स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रावधान किया गया था। इसे 2017 में लागू किया गया, लेकिन 2021 में सिर्फ पीजी स्टूडेंट्स का स्टाइपेंड बढ़ाया गया और इंटर्न डॉक्टरों को नजरअंदाज कर दिया गया।

 

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विरोध प्रदर्शन में डॉ. जीतू कुमार, डॉ. कुंदन कुमार गुप्ता, डॉ. जमन मुशर्रफ, डॉ. सज्जाउर रहमान, डॉ. आनंद प्रकाश, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. सत्यपाल, डॉ. पुष्कर, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. सौरभ, डॉ. प्रियांशु, डॉ. अब्दुल कादिर, डॉ. विशाल कुमार साहू, डॉ. विशाल भारती, डॉ. सबाना, डॉ. कुसुम, डॉ. ज्योत्सना, डॉ. पुष्पांकर, डॉ. शशि रोहित, डॉ. नीरज जायसवाल, डॉ. अक्षय समेत कई डॉक्टर मौजूद रहे।

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