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Bihar : बिहार के इस जिले में 985 शिक्षकों का एक दिन का वेतन स्थगित; जानिये डीएम ने क्यों की है कार्रवाई
Wed, 03 Sep 2025 11:57 PM IST
कोसी ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:57 PM IST
सार
Bihar: कलेक्ट्रेट स्थित लहटन चौधरी सभागार में डीएम ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सभी बीईओ को तीन दिनों के अंदर डीबीटी से वंचित 10563 छात्रों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। ऐसा नहीं होने पर विद्यालय प्रधान जवाबदेह होंगे।
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विभागीय कार्य की समीक्षा करते डीएम, डीडीसी सहित अन्य।बैठक में मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी व
विस्तार
सुपौल के कलेक्ट्रेट स्थित लहटन चौधरी सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान शिक्षकों के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपस्थिति को लेकर डीएम सख्त नजर आए। उन्होंने 02 सितंबर को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले 985 शिक्षकों के एक दिन के वेतन को स्थगित करने का आदेश दिया। स्पष्ट किया कि अगर कोई यदि कोई शिक्षक सरकारी कार्य या प्रशिक्षण पर प्रतिनियुक्त था तो उसी के अनुसार उपस्थिति दर्ज करेंगे। वही जो शिक्षक सरकारी कार्य या प्रशिक्षण पर प्रतिनियुक्त नहीं थे और विद्यालय से अनुपस्थित रहे, उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी। बैठक में डीडीसी, डीईओ, डीपीओ, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड बीईओ सहित शिक्षा विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान अन्य विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की गई और जरूरी निर्देश दिए गए।
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भोजनावकाश के बाद छात्रों की उपस्थिति बनाए रखने पर जोर
डीएम ने त्रिवेणीगंज बीईओ की अनुश्रवण रिपोर्ट स्पष्ट नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने भोजनावकाश के बाद भी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने कस्तुरबा विद्यालयों में अधूरे नामांकन को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने और बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी विद्यालयों को अनुरक्षण व मरम्मति के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। इस राशि से बिजली, पानी, शौचालय और रैम्प जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दिया जाना है। बिना कार्य के राशि निकासी होने पर विद्यालय प्रधान जवाबदेह होंगे। 15 दिन बाद उप विकास आयुक्त इसकी समीक्षा करेंगे।
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कोई योग्य बच्चा डीबीटी लाभ से छूटा तो प्रधान होंगे जिम्मेवार
बैठक के दौरान बताया गया कि जिले में 10,563 छात्रों का डीबीटी बाधित है। डीएम ने सभी बीईओ को तीन दिनों के भीतर प्रधानाध्यापकों की बैठक बुलाकर इसका समाधान करने का आदेश दिया। स्पष्ट किया कि अगर कोई योग्य छात्र योजना से वंचित होता है तो जिम्मेवारी विद्यालय प्रधान की होगी। वही मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बरसात में जलजमाव और मच्छरों की समस्या को देखते हुए विद्यालय परिसर में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और साफ-सफाई के निर्देश दिए।
खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी हो तो तत्काल करें शिकायत
खाद्यान के उठाव एवं वितरण की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्धारित गुणवत्ता अथवा वजन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल डीईओ को सूचना देने का आदेश दिया। वही असैनिक संभाग में निर्माण कार्यों की धीमी और असंतोषजनक प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान तकनीकी उप प्रबंधक ने बताया कि उनका नया पदस्थापन हुआ है। इससे पूर्व यह काम सहायक अभियंता मो इसरारूल हसन के जिम्मे था। लेकिन सहायक अभियंता बैठक से अनुपस्थित थे। डीएम ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करने का निर्देश दिया।
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भोजनावकाश के बाद छात्रों की उपस्थिति बनाए रखने पर जोर
डीएम ने त्रिवेणीगंज बीईओ की अनुश्रवण रिपोर्ट स्पष्ट नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने भोजनावकाश के बाद भी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने कस्तुरबा विद्यालयों में अधूरे नामांकन को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने और बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी विद्यालयों को अनुरक्षण व मरम्मति के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। इस राशि से बिजली, पानी, शौचालय और रैम्प जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दिया जाना है। बिना कार्य के राशि निकासी होने पर विद्यालय प्रधान जवाबदेह होंगे। 15 दिन बाद उप विकास आयुक्त इसकी समीक्षा करेंगे।
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कोई योग्य बच्चा डीबीटी लाभ से छूटा तो प्रधान होंगे जिम्मेवार
बैठक के दौरान बताया गया कि जिले में 10,563 छात्रों का डीबीटी बाधित है। डीएम ने सभी बीईओ को तीन दिनों के भीतर प्रधानाध्यापकों की बैठक बुलाकर इसका समाधान करने का आदेश दिया। स्पष्ट किया कि अगर कोई योग्य छात्र योजना से वंचित होता है तो जिम्मेवारी विद्यालय प्रधान की होगी। वही मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बरसात में जलजमाव और मच्छरों की समस्या को देखते हुए विद्यालय परिसर में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और साफ-सफाई के निर्देश दिए।
खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी हो तो तत्काल करें शिकायत
खाद्यान के उठाव एवं वितरण की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्धारित गुणवत्ता अथवा वजन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल डीईओ को सूचना देने का आदेश दिया। वही असैनिक संभाग में निर्माण कार्यों की धीमी और असंतोषजनक प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान तकनीकी उप प्रबंधक ने बताया कि उनका नया पदस्थापन हुआ है। इससे पूर्व यह काम सहायक अभियंता मो इसरारूल हसन के जिम्मे था। लेकिन सहायक अभियंता बैठक से अनुपस्थित थे। डीएम ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करने का निर्देश दिया।