{"_id":"67d98f3fdf10bf5dde09536e","slug":"bihar-news-bihar-police-saharsa-court-sentenced-the-youth-arrested-from-a-truck-loaded-with-liquor-kosi-news-c-1-1-noi1369-2739032-2025-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : शराब कारोबार में शामिल युवक को कोर्ट ने सुनाई पांच साल की सजा, आर्थिक जुर्माना भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : शराब कारोबार में शामिल युवक को कोर्ट ने सुनाई पांच साल की सजा, आर्थिक जुर्माना भी
Tue, 18 Mar 2025 11:11 PM IST
कोसी ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Mar 2025 11:11 PM IST
सार
Bihar : दिल्ली के एक शख्स को बिहार के कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है। इसके साथ-साथ एक लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है।
विज्ञापन
सहरसा कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
सहरसा जिले के बिहरा थाना में वर्ष 2022 में शराब लदे ट्रक के साथ पकड़ाए एक युवक को व्यवहार न्यायालय के न्यायाधीश ने दोषी पाते हुए पांच साल कारावास और एक लाख का आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। नई दिल्ली के प्रहलादपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सावरडेयरी ए ब्लॉक मकान संख्या -165 निवासी राम करण के पुत्र राम कुमार को धारा-30 (ए) बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम-2022 के अंतर्गत सजा सुनाई गई। न्यायालय ने बीते 11 मार्च 2025 को दोषी करार दिया था और 18 मार्च 2025 को सजा सुनाई गई। कांड के सूचक इंस्पेक्टर राजमणि ओर अनुसंधान कर्ता इंस्पेक्टर ललन पासवान थे। अभियोजन की ओर से राजीव रंजन पाण्डेय, विशेष लोक अभियोजन उत्पाद, एवं प्रतिरक्षा की ओर से अधिकवक्ता रामेश्वर झा, डीएलएसए विजय कुमार शामिल थे।
क्या था मामला
वर्ष 2011 के आठ नवंबर को गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राजमणि ने बिहरा थाना के साथ मिलकर एक टीम गठित कर सूचना के आलोक में कृत कार्यवाही के दौरान मनोरमा फ्यूल सेंटर सिहौल पर ट्रक (रजि०नं०-आरजे-11जीए-6270) पाया गया। ट्रक में दो लड़का राम कुमार, पिता रामकरण एवं उपचालक राजेश कुमार, पिता - अमर सिंह को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को देख भाग गया था चालक
पुलिस पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार दोनों के द्वारा बताया गया की चालक योगेश बगल के होटल में खाना खा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए जब पुलिस टीम होटल की ओर गई तो चालक भाग गया। तत्पश्चात ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें पीछे बने चदरा के बॉक्स में कुल- 5637.88 लीटर विदेशी शराब बरामद किया गया था। दोनों के द्वारा यह भी बताया गया कि यह शराब उनलोगों के द्वारा स्थानीय कारोबारी लिए लाया गया था। उसके बाद कांड दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया और दोनों अभियुक्तों के विरूद्ध आरोप पत्र समर्पित हुआ।
विज्ञापन
जमानत मिलने पर उप चालक हो गया फरार
विचारण के दौरान उच्च न्यायालय से प्राप्त जमानत की सुविधा का दुरूपयोग करते हुए उपचालक राजेश कुमार फरार हो गया। जिसके विरूद्ध अलग से कार्यवाही की जा रही है। अभियोजन की ओर से कुल छह साक्षियों को परीक्षण हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। अभियोजन के द्वारा मौखिक साक्ष्य के अतिरिक्त दास्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। अभियोजन न्यायालय के समक्ष मामले को सभी संदेहो से परे साबित करने में सफल रहा और न्यायालय द्वारा अभियुक्त को विदेशी शराब रखने के आरोप में दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का कारावास और एक लाख का अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
क्या था मामला
वर्ष 2011 के आठ नवंबर को गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राजमणि ने बिहरा थाना के साथ मिलकर एक टीम गठित कर सूचना के आलोक में कृत कार्यवाही के दौरान मनोरमा फ्यूल सेंटर सिहौल पर ट्रक (रजि०नं०-आरजे-11जीए-6270) पाया गया। ट्रक में दो लड़का राम कुमार, पिता रामकरण एवं उपचालक राजेश कुमार, पिता - अमर सिंह को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
पुलिस को देख भाग गया था चालक
पुलिस पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार दोनों के द्वारा बताया गया की चालक योगेश बगल के होटल में खाना खा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए जब पुलिस टीम होटल की ओर गई तो चालक भाग गया। तत्पश्चात ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें पीछे बने चदरा के बॉक्स में कुल- 5637.88 लीटर विदेशी शराब बरामद किया गया था। दोनों के द्वारा यह भी बताया गया कि यह शराब उनलोगों के द्वारा स्थानीय कारोबारी लिए लाया गया था। उसके बाद कांड दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया और दोनों अभियुक्तों के विरूद्ध आरोप पत्र समर्पित हुआ।
विज्ञापन
जमानत मिलने पर उप चालक हो गया फरार
विचारण के दौरान उच्च न्यायालय से प्राप्त जमानत की सुविधा का दुरूपयोग करते हुए उपचालक राजेश कुमार फरार हो गया। जिसके विरूद्ध अलग से कार्यवाही की जा रही है। अभियोजन की ओर से कुल छह साक्षियों को परीक्षण हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। अभियोजन के द्वारा मौखिक साक्ष्य के अतिरिक्त दास्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। अभियोजन न्यायालय के समक्ष मामले को सभी संदेहो से परे साबित करने में सफल रहा और न्यायालय द्वारा अभियुक्त को विदेशी शराब रखने के आरोप में दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का कारावास और एक लाख का अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।