Bihar Politics: 'मेरे केस से RJD-JDU की छवि खराब हो रही थी', इस्तीफे पर कार्तिकेय सिंह ने तोड़ी चुप्पी
बिहार की महागठबंधन सरकार से कार्तिकेय सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। उन्हें बुधवार सुबह ही राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री का प्रभार सौंपा गया था। इससे पहले वे कानून मंत्रालय संभालते थे।
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बिहार में इस्तीफा देने वाले मंत्री कार्तिकेय सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। इसके अलावा कार्तिकेय ने इस्तीफे के पीछे की वजह भी बताई है। कार्तिकेय सिंह ने कहा कि भूमिहार समुदाय के एक मंत्री को भाजपा बर्दाश्त नहीं कर सकी। वे मेरी छवि खराब करना चाहते हैं, मैं 28 साल से सरकारी शिक्षक हूं। मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है और न्याय मिलने की उम्मीद है। मैंने इस्तीफा दिया क्योंकि यह सब हमारी सरकार की छवि खराब कर रहा था। बता दें कि कार्तिकेय सिंह ने बुधवार शाम मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें बुधवार सुबह ही राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री का प्रभार सौंपा गया था। इससे पहले वे कानून मंत्रालय संभालते थे।
कार्तिकेय के खिलाफ मामला क्या है?
दरअसल, साल 2014 में एक शख्स का अपहरण हुआ था। इस मामले में बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है। उन्हें 16 अगस्त को पेश होना था लेकिन वे उस दौरान शपथ ले रहे थे। कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख एक सितंबर को दे दी है।
कार्तिकेय के ऊपर कितने मुकदमे चल रहे हैं?
चुनावी हलफनामे में कार्तिकेय ने अपने ऊपर चार मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इन मामलों में उनके ऊपर चोरी, अपहरण, दंगा करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, आपराधिक साजिश रचने, जबरन वसूली, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने से जुड़े आरोप हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक सड़क, पुल, नदी या चैनल को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप उनके ऊपर है।