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Bihar News: गयाजी में भारी बारिश से कोठवारा-बैरिया पुल क्षतिग्रस्त, तीन साल में ही धंसा, आवागमन ठप
Fri, 20 Jun 2025 03:49 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 20 Jun 2025 03:49 PM IST
सार
बिहार के गया जिले में डोभी प्रखंड स्थित निलांजना नदी पर बना कोठवारा-बैरिया पुल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। पुल का एक पाया धंस गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
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कोठवारा-बैरिया पुल क्षतिग्रस्त हुआ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गयाजी जिले में भारी बारिश के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। डोभी प्रखंड की निलांजना नदी पर बना कोठवारा-बैरिया पुल बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। यह पुल मात्र तीन साल पहले 2022 में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था। अब इसका एक पाया धंसने से पुल की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनजीवन अस्त-व्यस्त
गया समेत पूरे बिहार में लगातार मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में पुल-पुलिया टूटने या कमजोर होने की खबरें आ रही हैं। कोठवारा-बैरिया पुल के एक पाया के धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बैनर लगाकर आम लोगों को आगाह किया कि यह पुल अब आवागमन के लिए सुरक्षित नहीं है। बैनर में साफ तौर पर लिखा गया है, “यह पुल आवागमन के लिए सुरक्षित नहीं है। वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।”
यह भी पढ़ें: अवध-असम एक्सप्रेस से टकराई रेलवे ट्रॉली, एक की मौत और तीन घायल
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प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
शेरघाटी एसडीओ मनीष कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी तक इस तरह की कोई सूचना औपचारिक रूप से प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन सीओ को मौके पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। महज तीन साल में पुल का धंसना स्थानीय लोगों के बीच गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। लोग पूछ रहे हैं कि करोड़ों की लागत से बने पुल की यह स्थिति कैसे हो गई? निर्माण में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है।
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जनजीवन अस्त-व्यस्त
गया समेत पूरे बिहार में लगातार मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में पुल-पुलिया टूटने या कमजोर होने की खबरें आ रही हैं। कोठवारा-बैरिया पुल के एक पाया के धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बैनर लगाकर आम लोगों को आगाह किया कि यह पुल अब आवागमन के लिए सुरक्षित नहीं है। बैनर में साफ तौर पर लिखा गया है, “यह पुल आवागमन के लिए सुरक्षित नहीं है। वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।”
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प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
शेरघाटी एसडीओ मनीष कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी तक इस तरह की कोई सूचना औपचारिक रूप से प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन सीओ को मौके पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। महज तीन साल में पुल का धंसना स्थानीय लोगों के बीच गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। लोग पूछ रहे हैं कि करोड़ों की लागत से बने पुल की यह स्थिति कैसे हो गई? निर्माण में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है।