बिहार में ठंड से बचाव बना काल: धुएं से नाना-नाती की मौत, तीन महिलाएं भी हुईं बेहोश; परिजनों में चीख-पुकार
Bihar: नवादा जिले के त्रिलोकी बीघा गांव में बंद कमरे में बोरसी जलाकर सोने से धुएं के कारण दम घुट गया। इस हादसे में नाना और सात वर्षीय नाती की मौत हो गई, जबकि तीन महिलाएं बेहोश होकर अस्पताल में भर्ती हैं।
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छपरा की दर्दनाक घटना के बाद अब नवादा जिले से भी एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के त्रिलोकी बीघा गांव में बोरसी के धुएं से दम घुटने के कारण एक बुजुर्ग और उसके सात वर्षीय नाती की मौत हो गई, जबकि कमरे में मौजूद तीन महिलाएं गंभीर रूप से बेहोश हो गईं।
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय श्री यादव उर्फ श्रीकांत यादव और उनके सात वर्षीय नाती आशीष यादव के रूप में की गई है। वहीं इस घटना में श्रीकांत यादव की पत्नी सारों देवी, बेटी इंदु देवी और नातिन सपना कुमारी अचेत अवस्था में पाई गईं। तीनों को आनन-फानन में इलाज के लिए पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।
परिजनों के अनुसार, इंदु देवी का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद वह मायके त्रिलोकी बीघा गांव आई हुई थीं। ठंड से बचाव के लिए परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में बोरसी जलाकर सो गए थे। आशंका जताई जा रही है कि रात के दौरान बोरसी से निकले धुएं के कारण कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई, जिससे यह हादसा हुआ।
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बताया जा रहा है कि सुबह काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई तो घर के अन्य सदस्यों को चिंता हुई। दरवाजा खोलते ही अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। श्रीकांत यादव और आशीष यादव मृत अवस्था में पड़े थे, जबकि तीन महिलाएं बेहोशी की हालत में थीं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीआई पंकज कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया दम घुटने से नाना और नाती की मौत हुई है, जबकि तीन लोगों का इलाज जारी है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और मृतकों का परिवार गहरे सदमे में डूबा हुआ है।