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Bihar: रफीगंज के बाद इस इलाके के लोगों ने किया चुनाव बहिष्कार का एलान, 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का लगाया नारा

Tue, 19 Aug 2025 06:55 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 19 Aug 2025 06:55 PM IST
सार

Bihar: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार की योजना हर गांव-टोले को सड़क से जोड़ने की है, लेकिन स्थानीय विधायक की उदासीनता के कारण यह सड़के अब तक नहीं बनीं। ग्रामीणों ने आगे क्या कुछ कहा, पढ़ें पूरी खबर। 

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Bihar: people of this area announced boycott of elections After Rafiganj
ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वोटरों को उनके अधिकार दिलाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की ‘वोट अधिकार यात्रा’ जारी है। लेकिन यात्रा के दौरान ही वोटरों ने उन्हीं के गठबंधन के विधायकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलानी शुरू कर दी है।

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रफीगंज में यात्रा के दूसरे दिन स्थानीय राजद विधायक मो. नेहालुद्दीन को लोगों ने जर्जर सड़क दिखाते हुए हाथों में जूतों की माला लहराकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किया और विधायक को कार से उतरकर सड़क की हालत दिखाने पर मजबूर कर दिया। अब ताजा मामला नबीनगर से राजद विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डबल्यू सिंह से जुड़ा है। ठेंगों पंचायत के उत्तरी और दक्षिणी गोगो सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया और वोट बहिष्कार का ऐलान कर दिया।

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आजादी के बाद भी कच्ची हैं सड़कें
ग्रामीणों ने बताया कि गोगो से बदल बिगहा (5 किमी.), कोईरीडीह मेन रोड से नोनिया बिगहा (2 किमी.) और राटा बिगहा से लक्ष्मीपुर (2 किमी.) जाने वाली सड़कें आजादी के बाद से अब तक पक्की नहीं हुई हैं। तीनों सड़कें कच्ची होने के कारण दर्जनभर गांवों की 10–12 हजार की आबादी को भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में सड़कें तालाब बन जाती हैं। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है। कई बार उन्हें घर से सामान्य कपड़े पहनकर निकलना पड़ता है और मुख्य सड़क तक पहुंचकर ड्रेस बदलनी पड़ती है। बीमार पड़ने पर मरीजों को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना ग्रामीणों की मजबूरी है।

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हर गांव को सड़क योजना, फिर भी उपेक्षा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार की योजना हर गांव-टोले को सड़क से जोड़ने की है, लेकिन स्थानीय विधायक की उदासीनता के कारण यह सड़के अब तक नहीं बनीं। उनका कहना है कि पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह और मौजूदा विधायक विजय कुमार सिंह दोनों ने ही चुनाव के समय सड़क बनाने का आश्वासन दिया, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों पर भरोसा टूट गया है, इसलिए उन्होंने चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया है। जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वोट नहीं देंगे।

विधायक ने सरकार पर फोड़ा ठीकरा
इस मामले में विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डबल्यू सिंह ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार विपक्षी विधायकों को बदनाम करने के लिए जानबूझकर सड़कों की स्वीकृति नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग को प्रस्ताव भेजा है और डीपीआर भी बना है, लेकिन विभाग से अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। विधायक ने कहा कि जैसे ही डीपीआर स्वीकृत होगा, टेंडर निकलेगा और उसके बाद सड़क निर्माण शुरू होगा। उन्होंने ग्रामीणों से लोकतंत्र में भरोसा रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि सड़कें जरूर बनेंगी।

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