Bihar News: 30% कमीशन का आरोप, ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर संकट! डीएम ने जारी किया नोटिस
औरंगाबाद के रफीगंज प्रखंड की ब्लॉक प्रमुख गीता सिंह पर 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं में भुगतान के बदले 30 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
विस्तार
औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड की ब्लॉक प्रमुख गीता सिंह पर 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं के भुगतान में कथित कमीशनखोरी के आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने ब्लॉक प्रमुख को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 44(4) के तहत उन्हें पद से हटाने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
तीन पंचायत समिति सदस्यों ने की थी शिकायत
मामले की शुरुआत तब हुई जब रफीगंज पंचायत समिति के तीन सदस्यों ने जिलाधिकारी से लिखित शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं का कार्य पूरा होने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ब्लॉक प्रमुख की स्वीकृति नहीं मिलने से भुगतान रोका जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं की शेष राशि जारी करने के लिए 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है। कमीशन नहीं देने वालों के भुगतान लंबित रखे जा रहे हैं, जिससे मजदूरों और छोटे वेंडरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जांच में सामने आए कई अहम तथ्य
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) को संयुक्त जांच का निर्देश दिया। जांच के दौरान योजनाओं के दस्तावेज, ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया और तकनीकी रिकॉर्ड की समीक्षा की गई।
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रिपोर्ट में पाया गया कि कई योजनाओं में भुगतान की प्रक्रिया मेकर लॉगिन से पूरी हो चुकी थी, लेकिन ब्लॉक प्रमुख के लॉगिन से भुगतान प्रस्तावों को बार-बार अस्वीकृत किया गया। जांच अधिकारियों ने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप माना और अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी।
डीएम ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ब्लॉक प्रमुख को नोटिस जारी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने अपने वैधानिक दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया है और अधिकारों के दुरुपयोग की आशंका भी सामने आई है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर सभी आरोपों पर दस्तावेजों सहित जवाब देने को कहा गया है।
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो जा सकती है कुर्सी
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उन्हें पद से हटाने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेज दी जाएगी। साथ ही बीडीओ को नोटिस की तामिला कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है।
पंचायत समिति सदस्यों ने कार्रवाई का किया स्वागत
डीएम की कार्रवाई के बाद पंचायत समिति के कई सदस्यों ने इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनका कहना है कि भुगतान रुके रहने से मजदूरों और वेंडरों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सभी पंचायत क्षेत्रों में उपलब्ध राशि का समान रूप से उपयोग सुनिश्चित करने की मांग भी की।
ब्लॉक प्रमुख ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं ब्लॉक प्रमुख गीता सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि कुछ लोग गलत वाउचर के आधार पर भुगतान कराना चाहते थे, इसलिए नियमों के तहत भुगतान रोका गया। उन्होंने कमीशन मांगने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।