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Bihar: 11 साल से फरार हार्डकोर नक्सली आखिर पकड़ा गया, पूछताछ में खोले कई चौंकाने वाले राज; पुलिस को मिली सफलता

Sun, 13 Apr 2025 07:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 13 Apr 2025 07:09 PM IST
सार

Bihar: गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मुकेश ने स्वीकार किया कि वह गांव-गांव घूमकर ग्रामीणों की बैठक करता था और उन्हें नक्सली संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था। उसने यह भी कबूल किया कि वह कई नक्सली गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल रहा है।

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Bihar News: Hardcore Naxalite absconding for 11 years finally caught
पुलिस की गिरफ्त में नक्सली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले 11 साल से फरार चल रहे हार्डकोर नक्सली मुकेश यादव उर्फ सूर्यदेव यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुकेश की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन से जुड़े कई राज खुलने लगे हैं। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। वह भूमिगत रहकर नक्सलियों को हथियार चलाने और संगठन की गतिविधियों को संचालित करने की ट्रेनिंग देता था।
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गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तारी औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित कासमा थाना क्षेत्र के खैरा मनोरथ गांव से हुई। मुकेश गांव आया हुआ था, इसी दौरान खुफिया सूचना के आधार पर एसआईटी टीम ने घर की घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
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2014 से था फरार
एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि 2014 में सलैया थाना क्षेत्र के चाल्हो जोन में माओवादियों के खिलाफ एक बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी। इस सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी संख्या 10/14 में 40 से अधिक नक्सलियों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें मुकेश यादव भी शामिल था। तब से ही वह फरार चल रहा था।
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लेवी वसूलने और ट्रेनिंग देने में माहिर
पुलिस के अनुसार, मुकेश यादव नक्सली संगठन का हार्डकोर सदस्य था। वह ठेकेदारों, ईंट-भट्ठा संचालकों और कारोबारियों से लेवी वसूलने के अलावा नए लोगों को संगठन से जोड़ने, खुफिया जानकारी जुटाने और नक्सलियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने का काम करता था।


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पूछताछ में खोले कई राज
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मुकेश ने स्वीकार किया कि वह गांव-गांव घूमकर ग्रामीणों की बैठक करता था और उन्हें नक्सली संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था। उसने यह भी कबूल किया कि वह कई नक्सली गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान मिले खुफिया इनपुट के आधार पर आने वाले दिनों में कई स्थानों पर छापेमारी की योजना बनाई जा रही है। एसआईटी की इस कार्रवाई में कासमा थानाध्यक्ष इमरान आलम, सलैया थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा, एसटीएफ और जिला पुलिस के जवान शामिल थे।
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