फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News Court punished minor boy for abusing minor girl aurangabad bihar news today court judgement

Bihar News: नाबालिग से गंदा काम करने के आरोपी विधि-विरुद्ध किशोर पर कोर्ट ने नहीं किया रहम, सुनाई कड़ी सजा

Fri, 25 Apr 2025 08:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 25 Apr 2025 08:26 PM IST
सार

Court Punished Minor Boy: किशोर अगर जघन्य अपराध करेंगे तो उन्हें अदालत से किशोर होने का कतई फायदा नहीं मिलेगा। बिहार की एक अदालत का यह फैसला समाज को ऐसा ही संदेश दे रहा है।

विज्ञापन
Bihar News Court punished minor boy for abusing minor girl aurangabad bihar news today court judgement
औरंगाबाद कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आमतौर पर विधि-विरुद्ध किशोरों के विरुद्ध अदालतें रहम दिखाती हैं। अदालतों द्वारा उन्हें सुधरने का मौका दिया जाता है। इसका असर भी होता है और विधि-विरुद्ध किशोर सुधर भी जाते हैं। इसके बावजूद बिहार की एक अदालत ने विधि-विरुद्ध किशोर के विरुद्ध कड़ा फैसला सुनाया है। चूंकि अपराध बेहद गंभीर था। इसी वजह से कोर्ट ने यह कड़ा फैसला सुनाया।

विज्ञापन


दरअसल, औरंगाबाद के किशोर न्याय बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह की अदालत ने एक विधि-विरुद्ध किशोर को सजा सुनाई है। कोर्ट ने शुक्रवार को रफीगंज थाना कांड संख्या-242/22 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए मामले के एकमात्र आवासित विधि-विरुद्ध किशोर को तीन साल कैद की सजा सुनाई। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि आवासित विधि-विरुद्ध किशोर आठ जुलाई 2022 से पर्यवेक्षण गृह, गया में संसीमित है। मामले को दिए फैसले में बोर्ड ने पर्यवेक्षण गृह, गया के अधीक्षक को एक पत्र निर्गत किया है। कहा है कि सज़ा पूरी करने के लिए आवासित विधि-विरुद्ध किशोर को विशेष सुधार गृह, पटना स्थानांतरित किया जाए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: नवादा के हिसुआ में पीके की जनसभा, बोले- लालू और नीतीश नहीं, बच्चों का चेहरा देखकर वोट दें
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता ने बताया कि आवासित विधि-विरुद्ध किशोर के खिलाफ भादंवि की धारा-376 तथा 06 प\क्सो एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट जैसे जघन्य आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज था। मतलब विधि-विरुद्ध किशोर नाबालिग से दुष्कर्म, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोपी था। सारे आरोप बेहद गंभीर थे। इस वजह से कोर्ट ने मामले में रहम नहीं किया और बोर्ड ने यह आदेश देने के साथ ही विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद के माध्यम से पीड़िता को चार लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने को भी कहा है।

इस सजा को एक नजीर माना जा रहा है। इससे किशोर निसंदेह अपराध करने से तौबा करेंगे। फैसले से समाज को भी यह अच्छा संदेश गया है कि अपराध करने पर किशोर होने का फायदा नहीं उठाया जा सकता। गंभीर अपराध करेंगे तो सजा मिलेगी ही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed