Bihar News: एनएचएआई का फर्जी महानिदेशक बनकर 87 लाख की ठगी, कई लोग बने शिकार; औरंगाबाद में मामला दर्ज
औरंगाबाद में एक ठग ने खुद को एनएचएआई असम का महानिदेशक बताकर ठेका व नौकरी दिलाने के नाम पर छह से अधिक लोगों से 87 लाख रुपये ठग लिए। पैसे मांगने पर धमकी दी, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
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एक महाठग द्वारा खुद को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का असम का महानिदेशक बताकर ठेका और नौकरी दिलाने के नाम पर 87 लाख रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ितों ने औरंगाबाद मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़ित धनाड़ी गांव निवासी दीपक कुमार सिंह एवं अन्य ने बताया कि 3 जून 2024 को उनकी मुलाकात जहानाबाद जिले के विशुनगंज-मखदुमपुर थाना क्षेत्र निवासी अतुल कुमार सिद्धार्थ से जमीन खरीद-बिक्री के सिलसिले में हुई थी। इस दौरान सिद्धार्थ ने खुद को एनएचएआई, असम का महानिदेशक बताया। कुछ दिनों बाद उसने एनएचएआई में ठेका और नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
विश्वास में लेकर आरोपी ने पीड़ितों से अलग-अलग किस्तों में कुल 87 लाख रुपये ठग लिए। दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते में 26 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा उनके बड़े भाई प्रभात सिंह से 17 लाख रुपये लिए। साथ ही अन्य लोगों बिक्रम कुमार सिंह, निशांत कुमार सिंह, अनिश कुमार सिंह, विश्वरंजन कुमार सिंह, अभिमन्यु कुमार सिंह और सुमित कुमार सिंह से मिलाकर कुल 44 लाख रुपये की ठगी की।
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कई महीने बीतने के बाद जब ठेका और नौकरी नहीं मिली, तो पीड़ितों ने पैसे की मांग की। इस पर आरोपी ने गाली-गलौज की और घर आने पर गोली मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी की पत्नी कुमारी सुमन सिद्धार्थ से भी बातचीत हुई है, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। लेन-देन से जुड़े दस्तावेज आरोपी के सहयोगी प्रमोद कुमार संभालता था। पीड़ितों के अनुसार, लगातार दबाव के बाद आरोपी ने 2 लाख रुपये वापस किए, लेकिन शेष राशि मांगने पर आरोपी, उसकी पत्नी और सहयोगी द्वारा धमकी दी जा रही है।
मामले में मुफ्फसिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि दीपक कुमार सिंह के आवेदन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 415, 341, 323, 504, 420, 419/34 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।