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Hindi News ›   Bihar ›   Gaya News ›   Bihar Election 2025 Satta ka Sangram Aurangabad, the youth expressed their issues and put forth their views

Satta Ka Sangram: औरंगाबाद में सुबह चाय की चुस्कियों के बाद अब युवाओं से चर्चा, किन मुद्दों पर हुई बात; जानें

Sat, 08 Nov 2025 07:29 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,औरंगाबाद Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sat, 08 Nov 2025 07:29 PM IST
सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान होना है। प्रदेश के चुनावी माहौल का जायजा लेने और राजनीतिक दलों के नेताओं से उनके वोट मांगने के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' शनिवार 8 नवंबर को औरंगाबाद पहुंचा। 
 

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Bihar Election 2025 Satta ka Sangram  Aurangabad, the youth expressed their issues and put forth their views
सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार का औरंगाबाद इन दिनों चुनावी माहौल में पूरी तरह डूबा हुआ है। हर गली, हर चौपाल, और हर चाय की दुकान पर सिर्फ एक ही चर्चा कि इस बार सत्ता की चाबी किसके हाथ जाएगी? इस दौरान अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम यहां पहुंचा, सुबह चाय की चुस्कियों के साथ लोगों से यहां के मुद्दे जानें गए। अब युवाओं से चर्चा की गई और उनसे रोजगार के साथ-साथ और भी मुद्दों पर बात की गई। क्या कुछ बातें हुईं उससे पहले जानते हैं चाय पर चर्चा के दौरान क्या कुछ कहा गया।
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चाय पर चर्चा
सुबह चाय पर चर्चा की शुरुआत हिरण्य कुमार सिंह से हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां बीजेपी की जीत तय है। नीतीश कुमार की सरकार ने बहुत काम किया है। लोगों ने विकास देखा है। महिलाओं को आर्थिक मदद मिल रही है और युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। नीतीश कुमार ने नौकरी देने के लिए लगातार काम किया है। इसलिए यहां एनडीए को जीत मिलेगी।
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उदय भारती ने कहा कि यहां के लोग अब बदलाव चाहते हैं। सरकार से लोगों में निराशा है क्योंकि वह उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। इस बार महिलाएं भी नाराज दिख रही हैं, जो पहले नीतीश कुमार का समर्थन करती थीं।
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प्रमोद रंजन ने कहा कि यहां मुकाबला सीधा दो गठबंधनों के बीच है, महागठबंधन और एनडीए। बसपा के उम्मीदवार भी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य लड़ाई इन्हीं दो के बीच है। यहां शिक्षा और स्वास्थ्य की हालत खराब है। अस्पतालों में इलाज नहीं होता, सिर्फ मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इसलिए इस बार महागठबंधन को बढ़त मिल सकती है।” रवीन्द्र कुमार ने कहा, “यहां किसी पार्टी को बढ़त नहीं दिख रही है। गरीब लोगों के लिए कोई भी सरकार ईमानदारी से काम नहीं कर रही है।

रंजय शर्मा ने कह कि हम बीजेपी का समर्थन कर रहे हैं। पार्टी ने यहां अच्छा काम किया है और हमें प्रधानमंत्री मोदी का काम पसंद है। सोनू कुमार ने कहा कि हम भी बीजेपी के साथ हैं। बीजेपी ने शहर में सड़कों और बिजली के काम में काफी सुधार किया है। रोजगार के लिए भी सरकार कोशिश कर रही है। नीतीश कुमार को बिहार को और आगे बढ़ाने के लिए थोड़ा और समय चाहिए। ललन सिंह ने कहा, “इस बार बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। प्रधानमंत्री मोदी हमारे दिल में बसते हैं। हम कई बार उनकी रैली में गए हैं और इस बार भी हम एनडीए को वोट देंगे।

युवाओं से बात
चर्चा की शुरुआत अभय कुमार ने की। उन्होंने कहा कि कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था अत्यंत कमजोर है। अभय के अनुसार, यहां जो भी शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं, वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दे पाते। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में सड़क से लेकर नाली तक की बुनियादी सुविधाएं बदहाल स्थिति में हैं। इसलिए, जनता ने यह संकल्प लिया है कि इस बार वे एक योग्य और सक्रिय विधायक का चयन करेंगे, जो इन समस्याओं का समाधान कर सके।

वहीं, शिल्पा कुमारी ने कहा कि समाज में लड़कियों की शिक्षा को लेकर अब भी हिचकिचाहट देखी जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे परिवारों के लिए विशेष आरक्षण और सहायता योजनाएं लागू करनी चाहिए, जिनकी बेटियां पढ़ाई जारी नहीं रख पातीं। शिल्पा ने प्रदूषण के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में उचित इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण कई मरीजों की जान चली जाती है।



वहीं, ऋतिक कुमार सिंह ने बताया कि उनके कॉलेज द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण कैंप आयोजित किए जाते हैं। हाल ही में एक नजदीकी गांव में आयोजित कैंप के दौरान यह देखा गया कि बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म नहीं मिल पा रही है, शिक्षा व्यवस्था कमजोर है और कई घरों में शौचालय तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी योजनाएं चलानी चाहिए, जिससे हर घर में शौचालय हो और शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जा सके।

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