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Bihar News: तिरंगें में लिपटे सेना के जवान चितरंजन सिंह का शव आते ही मचा कोहराम, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

Mon, 16 Dec 2024 07:37 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 16 Dec 2024 07:37 PM IST
सार

Aurangabad News: तिरंगें में लिपटे सेना के जवान चितरंजन सिंह का शव रफीगंज स्थित उनके पैतृक घर आते ही कोहराम मच गया। शव आते ही काफी संख्या में लोग घर पहुंचे। इस दौरान उनके मां-बाप का बुरा हाल हो गया।

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Aurangabad: As soon as body of army soldier Chittaranjan Singh wrapped in tricolor arrived, chaos in family
पैतृक गांव पहुंचा सीआईएसएफ जवान का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरंगाबाद के रफीगंज के न्यू एरिया मोहल्ले में सोमवार की शाम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान का शव आते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। जानकारी के मुताबिक, रफीगंज के न्यू एरिया निवासी भोला सिंह के बेटे चितरंजन सिंह (40) सीआईएसएफ यूनिट बीएसएल बोकारो में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे।

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जवान के पिता भोला सिंह ने बताया कि बेटे के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन हुआ था। वह बीमार चल रहे थे, बीच में ठीक हो गए थे। बीमारी के कारण उनकी बोकारो में ही मौत हो गई। सोमवार की शाम रफीगंज के न्यू एरिया में सेना के सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार और सुजीत लकड़ा तिरंगें में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे। शव आते ही काफी संख्या में लोग घर पहुंचे। इस दौरान माता श्यामपरी देवी, पिता भोला सिंह और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया।
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जवान चितरंजन कुमार सिंह का पैतृक घर आंती थाना क्षेत्र के गौरी बिगहा में है। वह लगभग आठ वर्षों से रफीगंज के न्यू एरिया के वार्ड-14 में मकान बनाकर सपरिवार रह रहे थे। चितरंजन कुमार का एक 14 वर्षीय बेटा आदित्य कुमार और चार वर्षीय बेटी अनवी कुमारी है। दो भाई और दो बहनों में वह सबसे बड़े भाई थे। रफीगंज से शव लेकर परिजन दाह-संस्कार के लिए गया के विष्णुपद गए हैं।

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