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पति के सामने थाने में दलित महिला से गैंगरेप

Wed, 06 Feb 2013 10:45 AM IST
सीतामढ़ी/इंटरनेट डेस्क
सीतामढ़ी/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 06 Feb 2013 10:45 AM IST
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gangrape with dalit woman in police station

सीतामढ़ी जिले की पुलिस पर एक और आरोप सामने आया है। सोनबरसा थाने में पति के सामने पत्नी से थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप का आरोप लगा है। यह घटना है तो दो फरवरी की लेकिन थानाध्यक्ष और स्थानीय गुंडों के दबाव में पीड़ित दंपति सामने नहीं आ रहा था। दंपति ने पुलिस पर धमकाने का भी आरोप लगाया है।  

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गौरतलब है कि अभी हाल ही में सीतामढ़ी जिले के रीगा थाने में पुलिसकर्मियों पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। आरोप था कि अजिज नट नाम के एक व्यक्ति पर जेल में रहते विभिन्न मामलों में आरोप लगाये गये और उसे जेल भेजा गया। इस मामले का खुलासा मानवाधिकार आयोग ने किया। यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि गैंगरेप की यह घटना सामने आ गई।
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सोनबरसा थाना क्षेत्र के चिलरा गांव के इस दलित युवक ने तीन दिन बाद जेल प्रशासन के माध्यम से सीजेएम की अदालत में एक आवेदन भेजकर पुलिसवालों की इस हरकत की जानकारी दी है। पति ने आवेदन में पत्र में आरोप लगाया है कि बीती दो फरवरी की शाम थानाध्यक्ष विनय भूषण राय उसके घर आये और उसकी पत्नी को जबरदस्ती पुलिस की गाड़ी में बैठा कर ले जाने लगे। पति के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और अपने साथ ले गये। थाने में ले जाकर दोनों को हवालात में बंद कर दिया।
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पीड़ित के अनुसार हवालात में पहले से ही चिलरा गांव का राजेश कुमार पूर्वे भी बंद था। उसके बाद तीनों को एक-एक कर बाहर निकाल कर पीटा गया। रात में करीब एक बजे थानाध्यक्ष, चौकीदार अरविंद लाल श्रीवास्तव और दूसरे पुलिसकर्मी हवालात में आये और उसकी पत्नी को बाल पकड़कर घसीटते हुये बाहर ले गये। बाहर उसकी पत्नी के साथ जबरदस्ती की जाने लगी। राजेश और उसके चिल्लाने पर अन्य पुलिसकर्मी दोनों को पीटने लगे। इसके बाद पीड़िता को पुलिसवाले दूसरे कमरे में ले गये और उसके साथ जबरदस्ती की। पति का कहना है कि सुबह उसकी पत्नी रोती हुई उसके पास आयी और कहा, अब वह मर जायेगी।


इतने में थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों ने किसी को बताने पर जेल में सड़ा देने की धमकी भी दी। बाद में उसकी पत्नी को छोड़ दिया गया। पीड़िता के पति व घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजेश पर झूठी प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पीड़िता जब सास के साथ अधिकारियों से शिकायत करने जिला मुख्यालय आ रही थी, तो रजवारा पश्चिमी के मुखिया पप्पू कुमार उर्फ अशोक, सोनबरसा के मुखिया संजय कुमार मेहता व स्थानीय सरपंच राजा राम महतो ने दोनों को घेर कर वापस घर भेज दिया।

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