तेजस्वी ने जनादेश के ‘अपमान’ को लेकर नीतीश के खिलाफ शुरू किया आंदोलन
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बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने महागठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा के साथ हाथ मिलाकर जनादेश का ‘अपमान’ करने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ आज आंदोलन शुरू किया। तेजस्वी ने कहा, "नीतीश कुमार उन लोगों के साथ चले गए हैं जिन्होंने उनके डीएनए पर सवाल उठाया था। ’’
तेजस्वी अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव, राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मोतिहारी स्थित गांधी मैदान में राष्ट्रपिता की प्रतिमा के सामने क्षमा याचना के लिए आज करीब एक घंटे बैठे।
तेजस्वी ने वहां पर संवाददाताओं से कहा कि हमने महात्मा गांधी से इसके लिए माफी मांगी कि हम एक ऐसे व्यक्ति कुमार के नेतृत्व में रहे जिसने सभी को धोखा दिया और आरएसएस के साथ हो लिए जिसने बापू की हत्या की।
आगामी 27 अगस्त को राजद की पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित 'भाजपा हटाओ, देश बचाओ’' रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश की जनता को आमंत्रित करने के लिए अपने भाई तेजप्रताप के साथ तेजस्वी "जनादेश अपमान यात्रा" पर निकले हैं और इसकी शुरूआत उन्होंने मोतिहारी आज की जहां से अंग्रेजी शासन के खिलाफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत की थी।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे पुत्र तेजस्वी ने बापू की प्रतिमा के नीचे माफी मांगने के लिए अपने बैठने का कारण बताते हुए कहा कि इससे पूर्व वह इसी प्रतिमा के नीचे नीतीश कुमार के साथ चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के दौरान बैठे थे और लोगों से राष्ट्रपिता के आदर्शों का पालन करने का आह्वान करने के लिए पैदल मार्च भी किया था ।
पूर्वी और पश्चिम चंपारण की सीमा माधोपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के साथ मिलकर उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर मुकदमे थोपकर निशाना बनाने का आरोप लगाया ।
नीतीश उनके साथ चले गए जिन्होंने उनके डीएनए पर सवाल उठाया था
तेजस्वी ने वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नीतीश कुमार के खिलाफ दिए गए भाषण का संदर्भ देते हुए कहा कि नीतीश कुमार उन लोगों के साथ चले गए हैं जिन्होंने उनके डीएनए पर सवाल उठाया था। उन्होंने यह भी दोहराया कि महागठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा के साथ हाथ मिलाने के लिए नीतीश कुमार ने हमारा "बहाना" बनाया।
होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआई द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर तेजस्वी द्वारा जनता के समक्ष स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने पर नीतीश ने गत 27 जुलाई को मुख्यमंत्री पद इस्तीफा देकर भाजपा नीत राजग के साथ मिलकर नई सरकार बना ली थी ।
इसबीच जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी की यात्रा के बारे में कहा कि जनादेश अपमान यात्रा से बेहतर होता है कि आज वह कानून सम्मान यात्रा पर निकलते और अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में लोगों को तर्कसंगत जवाब देते। उन्होंने कहा कि क्रांति दिवस के दिन लालू के लाल की इस यात्रा से स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा कराह रही होगी।
नीरज ने कहा कि तेजस्वी का सियासी तेज खत्म हो चुका है, बेहतर होता कि वह अपने परिवार को कानूनी जकड़न से बचाने की कवायद करते। जदयू के एक अन्य प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि बेहतर यह होता कि वह तेजस्वी महात्मा गांधी से घोटाले में शामिल होने के लिए माफी मांगते।