Bihar: दरभंगा में किसानों ने दिया धरना; कहा- केंद्र सरकार किसानों से उनकी खेती-किसानी छीनने पर आमादा
Bihar News: धरना में बिहार राज्य किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राम कुमार झा ने कहा कि आज देश अपना आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। 75 वर्षों से ऊपर देश को आजाद हुए हो गए, लेकिन इस आजाद भारत में किसानों की स्थिति ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर के जैसी है।
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बिहार के दरभंगा के समाहरणालय स्थित धरनास्थल पर बुधवार को किसान सह जननेता पूर्व सांसद दिवंगत भोगेंद्र झा की जयंती सह क्रांति दिवस मनाया गया। इस दौरान ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा दरभंगा ने एक विशाल धरना का आयोजन किया। इसमें धरना के तहत लोगों ने सरकार से दरभंगा को सूखाग्रस्त जिला घोषित करने सहित विभिन्न मांगें रखी गईं। इसे लेकर किसान सभा के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार चौधरी की अध्यक्षता में महाधरना का आयोजन पोलो मैदान स्थित धरना स्थल पर किया गया। इसमें विपरीत मौसम में भी जिला के कोने-कोने से सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
‘केंद्र में बैठी सरकार किसान-मजदूर विरोधी’
धरना में बिहार राज्य किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राम कुमार झा ने कहा कि आज देश अपना आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। 75 वर्षों से ऊपर देश को आजाद हुए हो गए, लेकिन इस आजाद भारत में किसानों की स्थिति ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर के जैसी है। वर्तमान में केंद्र में बैठी किसान-मजदूर विरोधी भाजपा सरकार लगातार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। किसानों से उसकी खेती किसानी छीनने पर आमादा है। लगातार सभी संसद के सत्रों में किसान विरोधी कानून बना रही है। जो किसान पूरे देश का पेट भरता है वह किसान आज आत्महत्या करने पर मजबूर है।
दरभंगा को सूखाग्रस्त जिला घोषित करने की मांग
किसान सभा के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि प्रकृति द्वारा जो पानी हमें उपहार के रूप में मिलता है, वह पानी सरकार की गलत नीतियों के कारण अभिशाप बन जाता है। उत्तर बिहार में जल संचयन व वितरण अगर सही तरीके से हो तो यहां साल भर सभी तरह की फसलों की पैदावार बेहतर तरीके से होगी। यहां खेती पर निर्भर 80 फीसदी आबादी खुशहाल होगी।
झा ने कहा कि इस बार अभी तक सूखा है। किसान एक कनवा भी धान रोपनी नहीं कर पाया है और नेपाल से निकलने वाली सभी नदियों में पानी उफान पर है। सरकार चाहे तो इस पानी को खेतों तक पहुंचा सकती है। मगर उसकी मंशा ही ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से हमारी मांग है कि दरभंगा जिला को सूखाग्रस्त घोषित करें और किसानों को फसल क्षति के मुआवजे का भुगतान करें।