चुनाव आयोग को 400 'ईमानदारों' की तलाश
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बिहार चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने विशेष तौर पर तैयारियां शुरू कर दी है। चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोग ने कार्मिक मंत्रालय से 400 साफ और ईमानदार अधिकारियों की सूची मांगी है।
आयोग ने एहतियात के तौर पर ऐसे अधिकारियों का नाम न भेजने को कहा है जिनके नाम पूर्व में इसके लिए भेजे जा चुके हैं। माना जा रहा है कि आयोग ने बिहार चुनावों की संवदेनशीलता को देखते हुए अपनी तैयारियां पूरी तरह शुरू कर दी हैं।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार आयोग ने महीने की शुरूआत में ही ऐसे अधिकारियों का पैनल मांगा था जिनकी ड्यूटी बिहार चुनावों में पर्यवेक्षक के तौर पर लगाई जा सके।
आयोग ने की बेदाग अधिकारियों की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने सप्ताह की शुरूआत में बताया था कि बिहार में विधानसभा चुनाव सितंबर-अक्टूबर तक आयोजित किए जा सकते हैं। वहीं उस समय चुनाव होने पर कुछ पार्टियों को चिंता सताने लगी है वे इसे चुनावों के लिए सही समय नहीं देखते हैं।
उनके अनुसार सितंबर माह में बिहार का ज्यादातर हिस्सा बाढ़ की चपेट में रहता है जबकि अक्टूबर महीने में काफी सारे त्यौहार पड़ते हैं। वहीं गत सात मई को कार्मिक मंत्रालय के अवस्थापना अधिकारी राजीव कुमार ने भी इस संबंध में चिट्टी लिखकर गृह सचिव एलसी गोयल को सूचित कर दिया था कि चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव के लिए 400 आईएएस अधिकारियों के पैनल की मांग की है।
बता दें कि बिहार विधानसभा की मियाद 29 नवंबर तक है। कार्मिक मंत्रालय का कहना है कि आयोग ने जल्द रिटायर होने वाले, जिनके खिलाफ पूर्व में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई हो, जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई लंबित हो या जिनके खिलाफ किसी विभाग में कोई कार्रवाई या जांच चल रही हो, ऐसे अधिकारियों का नाम न भेजने के निर्देश दिए हैं।