दिवाली 2026: आज कितने बजे करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा, शुभ मुहूर्त क्या है, कौन सा खास संयोग बन रहा?
Diwali Puja Muhurat; आज देशभर में दीपावली की धूम है, लेकिन इस बार पूजा के शुभ संयोग और मुहूर्त को लेकर खास चर्चा है। घर में मां लक्ष्मी की कृपा पाने से लेकर धन-वैभव बढ़ाने तक, दीपोत्सव से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। जानिए इस बार दीपावली पर क्या है खास और किन बातों का रखना होगा ध्यान।
विस्तार
आयुष्मान योग और स्वाति नक्षत्र में दीपावली
ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि इस बार दीपावली पर स्वाति नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग का संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों तुला राशि में रहेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ योग और नक्षत्र में लक्ष्मी-गणेश की पूजा, दीपदान, दान-पुण्य और खरीदारी करना मंगलकारी माना जाता है। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आने की मान्यता है।
Diwali 2026 Live: आज दिवाली पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और मां लक्ष्मी के उपाय
दीपावली की रात मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी धन-संपदा और वैभव प्रदान करती हैं, जबकि भगवान गणेश सभी कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं। इसी कारण दोनों की एक साथ पूजा की जाती है। पूजा में कुबेर, मां सरस्वती, पंचदेव, नवग्रह और गणेश-अंबिका का भी पूजन किया जाएगा। श्रद्धालु परिवार की सुख-शांति, धन-धान्य और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आराधना करेंगे।
मिट्टी के दीपक जलाने की परंपरा का महत्व
ज्योतिषाचार्य राकेश झा के अनुसार, दीपावली पर मिट्टी के दीपक जलाने का विशेष महत्व है। पंचतत्वों के मेल से तैयार मिट्टी का दीपक धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है। मिट्टी में जल मिलाकर दीपक तैयार किया जाता है, उसे खुले आसमान के नीचे हवा में सुखाया जाता है और फिर अग्नि में पकाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मिट्टी के दीपक जलाने से शौर्य, पराक्रम और पारिवारिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
दीपावली पूजा शुभ मुहूर्त के बारे में जानें
ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि आज अमावस्या तिथि सुबह 10 बजकर 50 मिनट से शुरू हो रही है। शुभ अमृत चर मुहूर्त शाम पांच बजे से रात 9:56 बजे तक है। इस समय आज माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं। वहीं उल्का भ्रमण (हुक्का-पाती खेलने का समय) मुहूर्त रात्रि 08:18 बजे से 09:56 बजे तक है।
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मुहूर्त |
समय |
| अमावस्या तिथि प्रारंभ | सुबह 10:50 बजे |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 9 नवंबर, सुबह 11:20 बजे |
| आयुष्मान योग | देर रात 4:02 बजे तक |
| अमृत मुहूर्त | सुबह 10:11 से 11:33 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:11 से 11:55 बजे तक |
| शुभ योग मुहूर्त | दोपहर 12:55 से 2:18 बजे तक |
| स्थिर लग्न | दोपहर 1:23 से 2:18 बजे तक |
| कुंभ लग्न | दोपहर 1:00 से 2:31 बजे तक |
| वृष लग्न | शाम 5:37 से रात 7:34 बजे तक |
| प्रदोष काल | शाम 5:03 से रात 7:48 बजे तक |
| शुभ-अमृत-चर मुहूर्त | शाम 5:03 से रात 9:56 बजे तक |
| सिंह लग्न | रात 12:05 से 2:19 बजे तक |