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Bihar: सीतामढ़ी में मरहा और हरदी नदी के जलस्तर में आई कमी, बाढ़ का पानी जस का तस; लोग हो रहे परेशान
Sun, 16 Jul 2023 04:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 16 Jul 2023 04:23 PM IST
सार
Sitamarhi Flood: स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी भी है। उसने कहा कि लहुरिया की तरफ मुड़ी नई धारा को मुख्यधारा में जोड़ने से ही लहुरिया समेत आसपास की पंचायतों और गांवों को बाढ़ से मुक्ति मिलेगी। प्रतिवर्ष प्रखंड में मरहा और हरदी नदी अपना रौद्र रूप दिखाती है।
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बाढ़ से परेशान हो रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी जिले परिहार के रास्ते बहने वाली मरहा और हरदी नदी के जलस्तर में शनिवार की शाम से कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि, सुबह तक नदी का जलस्तर स्थिर था। जलस्तर गिरने से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है। लहुरिया पंचायत की तरफ मुड़ी हरदी नदी की धारा के कारण लोगों को बाढ़ के पानी से परेशानी हो रही है। परवाहा लालबंदी पथ में लहुरिया बाजार पर बाढ़ का पानी जस का तस है। यहां पर अभी भी करीब आधा फीट पानी सड़क पर बह रहा है।
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दरअसल, यहां शुक्रवार को तीन फुट पानी बह रहा था। उस समय आवागमन बंद हो चुका था। हालांकि, अभी लोगों का आवागमन शुरू हो गया है। पानी के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा बारा, बंसवरिया, लहुरिया, खुरसाहा, जगदर, चैनपुरा, खुद्दी बखाड़ी आदि गांव के सरेह में भी बाढ़ का पानी फैला हुआ है।
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स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी भी है। उसने कहा कि लहुरिया की तरफ मुड़ी नई धारा को मुख्यधारा में जोड़ने से ही लहुरिया समेत आसपास की पंचायतों और गांवों को बाढ़ से मुक्ति मिलेगी। प्रतिवर्ष प्रखंड में मरहा और हरदी नदी अपना रौद्र रूप दिखाती है। मालूम हो कि शुक्रवार को इस मानसून हरदी नदी पहली बार उफनाई थी। उसके बाद लहुरिया बाजार में बाढ़ का पानी फैल गया था।
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इधर, सीतामढ़ी शहर होकर गुजरने वाली लखनदेई नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। जलस्तर में वृद्धि होने से शहर के निचले इलाके में पानी के फैलाव की संभावना बढ़ गई है। वहीं, वर्तमान स्थिति में शहर के रिंग बांध के अंदर, कुष्ठ कालोनी आदि मोहल्लों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि शनिवार तक जलस्तर में आंशिक वृद्धि हुई है। लेकिन अगर बारिश हुई तो परेशानी बढ़ जाएगी। वहीं, जलस्तर में और वृद्धि होने पर शहर के नाला निकासी का मुख्य नाला का स्लूईस गेट बंद कर दिया जाएगा, जिससे जलजमाव की समस्या हो सकती है।
बता दें कि नेपाल में जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश होने से जिले के नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। बागमती नदी सहित अधवारा समूह के नदियों में पानी बढ़ गया है। शनिवार की शाम बागमती नदी कटौझा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 55.00 मीटर से बढ़कर 55.35 मीटर पहुंच गया है। खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जबकि शुक्रवार को जलस्तर में तेजी से कमी हो रही थी। शनिवार की शाम में बागमती नदी का जलस्तर सभी स्थानों पर घटने लगा है। बागमती नदी का जलस्तर चंदोली घाट में खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है।
जिला नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, शाम छह बजे बागमती नदी का जलस्तर ढ़ेंग में 70.09, सोनाखान में 68.49, डूबाधार में 60.35, चंदौली में 58.22, कटौझा में 55.35, सोनबरसा में 79.76, सुंदरपुर में 58.30, पुपरी में 51.20, गोआबाड़ी में 70.10 मीटर है।