बिहार: फर्स्ट क्लास में सफर, साथ में जीजा और दो सूटकेस... जानें खुल गया कैसे शराब तस्करी का राज
समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली-जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कूपे से करीब 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद की गई। आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने गुप्त सूचना पर H-1 कोच के कूप नंबर सात में कार्रवाई की, जहां नेहा झा एक रिश्तेदार के साथ मौजूद थी।
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समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कूपे से करीब 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। बाहर से कूपे में सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। एक युवती अपने जीजा के भाई के साथ सफर कर रही थी और उनके पास आठ ट्रॉली बैग और दो बैगपैक थे। इतना सामान और भार, दोनों ही रास्ते में चर्चा का विषय था। किसी ने पुलिस तक सूचना पहुंचा दी। जैसे ही आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने समस्तीपुर स्टेशन पर कूपे का दरवाजा खुलवाकर तलाशी शुरू की, पूरा मामला बदल गया। सूटकेस खुलते ही उसमें एक के बाद एक ब्रांडेड शराब की बोतलें बरामद हुईं।
कार्रवाई के दौरान युवती लगातार जांच टीम से सवाल-जवाब करती रही और अपने पक्ष में आत्मविश्वास के साथ बातें रखती रही। आरपीएफ ने तलाशी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई। शराब बरामद होने के बाद युवती और उसके साथ मौजूद जीजा के भाई को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के H-1 कोच में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में की गई। ट्रेन के समस्तीपुर स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एसी फर्स्ट क्लास के H-1 कोच में छापेमारी की।
बताया गया कि वाराणसी स्टेशन से ही टीम को सूचना मिली थी कि एक युवती एसी फर्स्ट क्लास में शराब की खेप लेकर सफर कर रही है। सूचना के आधार पर टीम ने H-1 कोच के कूप संख्या सात को चिन्हित किया। कूप का दरवाजा अंदर से बंद था। टीम ने आवाज देकर दरवाजा खुलवाया तो अंदर युवती के साथ युवक भी मौजूद था।
इसके बाद दोनों से पूछताछ शुरू की गई और उनके सामान की तलाशी ली गई।
दो सूटकेस खोले तो मिलीं शराब की बोतलें
तलाशी के दौरान आरपीएफ की टीम ने ट्रॉली बैग खोले। इनमें ब्रांडेड शराब की बोतलें मिलीं। पुलिस के मुताबिक, इनके पास से कुल करीब 75 लीटर शराब बरामद हुई। तलाशी के दौरान युवती के व्यवहार को भी पुलिस ने असामान्य बताया। वह लगातार टीम से बहस करती रही और काफी आत्मविश्वास के साथ अपना पक्ष रखती रही। आरपीएफ ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई। शराब बरामद होने के बाद युवती और उसके साथ मौजूद जीजा के भाई को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
25 वर्षीय नेहा झा के रूप में हुई युवती की पहचान
गिरफ्तार युवती की पहचान नेहा झा के रूप में हुई है। वह समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव के वार्ड-12 की रहने वाली बताई गई है। पूछताछ के दौरान नेहा ने पुलिस को बताया कि वह शराब की यह खेप शादी समारोह के लिए लेकर आ रही थी। उसके मुताबिक, शराब हरियाणा से खरीदी गई थी। हालांकि, पुलिस उसके इस बयान को अंतिम सच मानकर नहीं चल रही है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वास्तव में शराब किसी शादी समारोह के लिए लाई जा रही थी या इसके पीछे बिहार में शराब सप्लाई का कोई नेटवर्क काम कर रहा था।
मोबाइल डिटेल से खंगाला जा रहा शराब तस्करी का कनेक्शन
पुलिस अब नेहा और ईशान के मोबाइल फोन की डिटेल खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यात्रा से पहले और उसके बाद दोनों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था, किन नंबरों पर बातचीत हुई और बिहार पहुंचने के बाद शराब की खेप किसे दी जानी थी। पुलिस को मोबाइल डिटेल से अगर कोई अहम कड़ी मिलती है तो इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इसी वजह से जांच का दायरा केवल ट्रेन से बरामद हुई शराब तक सीमित नहीं रखा गया है।
पिता और बड़ी बहन भी शराब तस्करी के मामलों में जा चुके हैं जेल
जांच में नेहा के परिवार का शराब से जुड़ा पुराना कनेक्शन भी सामने आने की बात कही गई है। नेहा के पिता संजय झा पहले खेती-बाड़ी का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, उन्हें भी शराब तस्करी के मामले में सिंघिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद परिवार की बड़ी बेटी पर भी शराब तस्करी से जुड़े होने का आरोप लगा। नेहा की बड़ी बहन निशु झा को दरभंगा उत्पाद विभाग की टीम ने 30 नवंबर 2025 को 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। वह भी इस मामले में जेल जा चुकी है। अब नेहा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस परिवार से जुड़े पुराने मामलों और संभावित कनेक्शन को भी खंगाल रही है।
बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी पर सवाल
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से शराब लाकर राज्य में सप्लाई करने के मामले पुलिस और उत्पाद विभाग के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं। इस मामले में खास बात यह है कि शराब की खेप किसी सामान्य ट्रेन कोच में नहीं, बल्कि एसी फर्स्ट क्लास के कूपे में ले जाई जा रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या नेहा और ईशान केवल एक खेप लेकर बिहार आ रहे थे या इसके पीछे शराब सप्लाई का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इसी कड़ी में दोनों के मोबाइल संपर्क, यात्रा के उद्देश्य, शराब खरीदने से लेकर उसे बिहार में पहुंचाने तक की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।